Jerusalem News: इजराइल आम चुनाव के शुरुआती रुझानों में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी सबसे आगे चल रही है। 120 सीटों वाली संसद में बहुमत के लिए 61 सीटें आवश्यक हैं, जबकि नेतन्याहू नीत गठबंधन को 59 सीटें मिलती दिख रही हैं। मतगणना जारी रहने के बीच विपक्षी दल और अरब पार्टियां भी दौड़ में बनी हुई हैं।
इजराइल में नई सरकार के गठन के लिए हुए संसदीय चुनाव के बाद वोटों की गिनती जारी है। केंद्रीय चुनाव आयोग के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की अगुआई वाला गठबंधन पूर्ण बहुमत के आंकड़े से सिर्फ दो सीट दूर है। 120 सदस्यों वाली इजराइली संसद (नेसेट) में बहुमत के लिए 61 सीटों की जरूरत है, जबकि अब तक के रुझानों में नेतन्याहू गठबंधन को 59 सीटें मिलती नजर आ रही हैं।
मतगणना के शुरुआती आंकड़े और दलों की स्थिति
केंद्रीय चुनाव आयोग के मुताबिक, अब तक 16 लाख से अधिक (लगभग 35.6 प्रतिशत) वोटों की गिनती पूरी हो चुकी है। इस चरण में लिकुड पार्टी 22.24 प्रतिशत वोटों के साथ शीर्ष पर है और उसे 29 सीटें मिलने का अनुमान है।
पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइजनकोट की याशर पार्टी 15.41 प्रतिशत वोटों और 20 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर है। उनके गठबंधन को कुल 46 सीटें मिलने के संकेत मिल रहे हैं। फिलिस्तीनी मूल के नागरिकों की जॉइंट लिस्ट को 8.28 प्रतिशत वोट और 11 सीटें, पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट की पार्टी को 8.22 प्रतिशत वोट, तथा रा’अम (Ra’am) पार्टी को 4 सीटें हासिल होती दिख रही हैं। अरब दलों के खाते में कुल 15 सीटें जाने का अनुमान है। इजराइल में कुल 73.3 लाख पात्र मतदाताओं में से 56.9 लाख से अधिक लोगों ने मतदान में भाग लिया था।
अरब पार्टियों से गठबंधन पर नेतन्याहू का विरोध
बहुमत से दो कदम दूर दिख रहे प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अरब पार्टियों के समर्थन से सरकार बनाने के किसी भी प्रयास को खारिज किया है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि इजराइल में एक मजबूत ‘जायोनी बहुमत’ होना चाहिए। नेतन्याहू ने अरब दलों पर देश के हितों के खिलाफ होने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके साथ किसी भी तरह का गठबंधन अनुचित है।
क्षेत्रीय रणनीति और कूटनीतिक रुख
शुरुआती रुझान सामने आने के बाद प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अपने कूटनीतिक और सुरक्षा प्राथमिकताओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनके सामने ईरान से जुड़े सुरक्षा खतरों को समाप्त करने का ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ मिलकर पूर्व में हासिल की गई सफलताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि भविष्य में भी साझा प्रयासों से क्षेत्रीय चुनौतियों का सामना किया जाएगा। आयोग के अनुसार मतों की शेष गिनती पूरी होने के बाद ही अंतिम राजनीतिक स्थिति स्पष्ट होगी।