Riyadh News: यमन के हूती विद्रोही समूह ने सऊदी अरब के प्रमुख तेल ठिकानों, हवाई अड्डों और सैन्य ठिकानों पर छह मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया है। दूसरी ओर, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने राजधानी रियाद समेत अन्य इलाकों की ओर दागी गई तीन बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही मार गिराने की पुष्टि की है।
यमन के हूती विद्रोही संगठन ने दावा किया है कि उसने सऊदी अरब के तेल शोधक संयंत्रों, प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों और एक सैन्य कमांड सेंटर को निशाना बनाते हुए छह मिसाइल व ड्रोन हमले किए हैं। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारेया ने हूती नियंत्रित अल-मसीरा टीवी पर जारी एक बयान में इन अभियानों की जानकारी दी। समूह का कहना है कि यह कार्रवाई यमन में उनके प्रभाव वाले इलाकों पर हुए हालिया हवाई हमलों के जवाब में की गई है।
अरामको रिफाइनरी, एयरपोर्ट और सैन्य ठिकाने निशाने पर होने का दावा
प्रवक्ता के अनुसार, हमलों में पूर्वी प्रांत स्थित रास तनूरा रिफाइनरी, अबकैक स्थित सऊदी अरामको की इकाइयां और लाल सागर तट पर स्थित राबीघ रिफाइनरी को तीन बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया गया।
इसके अतिरिक्त, रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मिसाइलों और दम्मम के किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ड्रोनों से हमला करने का दावा किया गया है, जिससे उड़ानों का संचालन प्रभावित होने की बात कही गई है। हूती पक्ष ने दक्षिणी सीमावर्ती क्षेत्र नज्रान में एक सऊदी सैन्य कमांड सेंटर पर भी हमले का दावा किया है, जिसमें कई कर्मियों के हताहत होने का आरोप है।
सऊदी गठबंधन ने हवा में ही नष्ट कीं बैलिस्टिक मिसाइलें
दूसरी तरफ, सऊदी अरब के नेतृत्व वाले बहुराष्ट्रीय गठबंधन ने पुष्टि की है कि उसके वायु रक्षा तंत्र ने हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया। गठबंधन के अनुसार, राजधानी रियाद की ओर दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों सहित कुल तीन मिसाइलों को रक्षा प्रणाली ने हवा में ही पहचानकर नष्ट कर दिया।
वहीं, हूती संगठन ने आरोप लगाया है कि सऊदी गठबंधन की ओर से किए गए हालिया हवाई हमलों में उनके नियंत्रण वाले क्षेत्रों में 27 लोगों की जान गई है।
उल्लेखनीय है कि यमन वर्ष 2014 के अंत से गृहयुद्ध की स्थिति से जूझ रहा है, जब हूती लड़ाकों ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े भूभाग पर नियंत्रण कर लिया था। इसके बाद यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में मार्च 2015 से सऊदी गठबंधन ने सैन्य हस्तक्षेप किया था। हाल के हफ्तों में दोनों पक्षों के बीच सीमा पार हमलों में एक बार फिर तेजी दर्ज की गई है।