शेयर बाजार में सुस्त शुरुआत के संकेत, यूएस फेड के फैसले और क्रूड में उछाल के बीच सेंसेक्स एक्सपायरी आज

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Mumbai News: हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार (29 अक्टूबर 2026) को भारतीय शेयर बाजार में सुस्त शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में कमजोरी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का दबाव देखा जा रहा है। आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी के कारण बाजार सीमित दायरे में कारोबार कर सकता है।

भारतीय शेयर बाजार के लिए आज गुरुवार का दिन सुस्त शुरुआत का संकेत दे रहा है। गिफ्ट निफ्टी में करीब 97 अंकों की नरमी देखी जा रही है। आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी भी है, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव सीमित दायरे में रहने की संभावना है। वैश्विक स्तर पर अमेरिकी केंद्रीय बैंक के ब्याज दरों पर आए फैसले, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर घरेलू बाजार की चाल पर देखने को मिल सकता है।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें स्थिर रखीं

अमेरिकी केंद्रीय बैंक (यूएस फेड) ने अपनी नीतिगत ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है और इन्हें 3.75% से 4% के दायरे में बरकरार रखा है। हालांकि, फेड सदस्यों के बीच इस फैसले को लेकर मतभेद भी दिखे, जहां 10 सदस्य दरों को यथावत रखने के पक्ष में थे, वहीं 2 सदस्यों ने दरों में बढ़ोतरी का समर्थन किया। फेडरल रिजर्व ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था की गति को ‘सॉलिड’ से संशोधित कर ‘स्ट्रॉन्ग’ बताया है। इसके बावजूद, मुद्रास्फीति 2% के तय लक्ष्य से ऊपर बनी रहने के कारण दिसंबर में दर वृद्धि की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।

वैश्विक बाजार और कच्चे तेल की स्थिति

बीते कारोबारी सत्र में अमेरिकी शेयर बाजार हल्की तेजी के साथ बंद हुए। डाउ जोन्स में 0.19%, एसएंडपी 500 में 0.28% और नैस्डैक में 0.27% की बढ़त दर्ज की गई। नतीजों के बाद अल्फाबेट के शेयरों में करीब 9.75% की बड़ी गिरावट आई, जबकि बेहतर नतीजों के दम पर माइक्रोसॉफ्ट का शेयर 2.88% मजबूत हुआ।

दूसरी ओर, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। ब्रेंट क्रूड ऑयल (जनवरी अनुबंध) बढ़कर 110.67 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है।

संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां

बीते कारोबारी दिन (28 अक्टूबर) के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने कैश मार्केट में 871.83 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी 643.35 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। इसके विपरीत, डेरिवेटिव्स बाजार में विदेशी निवेशकों ने 18,342.62 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जिससे उनका इंडेक्स लॉन्ग पोजिशन अनुपात घटकर 11.68% पर आ गया है।

फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) बैन की बात करें तो स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) पहले से प्रतिबंध सूची में है, जबकि केन्स टेक्नोलॉजी (Kaynes) की आज नई एंट्री हुई है।

निफ्टी फ्यूचर्स के तकनीकी स्तर

नवंबर महीने का निफ्टी फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट 68.50 अंकों (-0.30%) की गिरावट के साथ 22,775.30 के स्तर पर बंद हुआ था। बीते पांच कारोबारी सत्रों से निफ्टी 22,370 से 22,830 के दायरे में कारोबार कर रहा है। तकनीकी जानकारों के अनुसार, बाजार के लिए 22,450 से 22,500 का स्तर अहम सपोर्ट जोन रहेगा, जबकि 22,800 से 22,850 का दायरा रेजिस्टेंस का काम करेगा।

आईपीओ बाजार में हलचल

प्राइमरी मार्केट में आज कई कंपनियों के आईपीओ पर निवेशकों का ध्यान रहेगा:

  • बॉम्बे कोटेड एंड स्पेशल स्टील्स: 183.06 करोड़ रुपये का यह इश्यू आज से 2 नवंबर तक खुला रहेगा। इसका प्राइस बैंड 78 से 82 रुपये प्रति शेयर है।
  • बीएलएस पॉलिमर्स: इस आईपीओ में बोली लगाने का आज अंतिम दिन है। यह अब तक 35.25 गुना सब्सक्राइब हो चुका है।
  • एसएफसी एनवायरनमेंटल टेक्नोलॉजीज: 667.53 करोड़ रुपये का यह इश्यू भी आज बंद हो रहा है, जो अब तक 0.27 गुना भरा है।
  • एम.के. संस फाइन ज्वेल्स: 153 से 162 रुपये प्राइस बैंड वाला यह आईपीओ 30 अक्टूबर तक खुला रहेगा और पहले दिन 0.65 गुना सब्सक्राइब हुआ।

आज आने वाले प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजे

आज कई प्रमुख कंपनियों के वित्तीय नतीजे घोषित होने वाले हैं, जिनमें एशियन पेंट्स, कोल इंडिया, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), अंबुजा सीमेंट्स, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, सुजलॉन एनर्जी, ट्रेंट और वी-गार्ड इंडस्ट्रीज शामिल हैं।

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक अनिश्चितता और कच्चे तेल के दबाव के बीच घरेलू मोर्चे पर स्थिति स्थिर है। केंद्र सरकार द्वारा कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में 3% की बढ़ोतरी के एलान से कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर को मजबूती मिल सकती है। एक्सपायरी के दिन निवेशकों को चुनिंदा फंडामेंटल शेयरों पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।

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