Lucknow News: उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को नवंबर 2026 के बिल में 9.17 प्रतिशत की बड़ी राहत मिलेगी। यूपीपीसीएल ने फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (एफपीएएएस) के तहत यह छूट देने का फैसला किया है। यह लगातार पांचवां महीना है जब उपभोक्ताओं को नकारात्मक एफपीएएएस का सीधा लाभ मिलेगा।
उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। प्रदेश की योगी सरकार के अंतर्गत उपभोक्ताओं को नवंबर 2026 के बिजली बिल में फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (एफपीएएएस) के तहत 9.17 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इस फैसले से नवंबर महीने के बिल में लागू बिजली शुल्क कम हो जाएंगे, जिसका सीधा आर्थिक लाभ घरेलू, व्यावसायिक और अन्य सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं को प्राप्त होगा।
उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के आंकड़ों के मुताबिक, यह लगातार पांचवां महीना है जब प्रदेश के उपभोक्ताओं को नकारात्मक एफपीएएएस के माध्यम से बिजली बिलों में कटौती का लाभ मिल रहा है। इससे पहले यूपीपीसीएल द्वारा जुलाई में 4.43 प्रतिशत, अगस्त में 2.92 प्रतिशत, सितंबर में 7.93 प्रतिशत और अक्टूबर में 5.24 प्रतिशत की राहत दी गई थी। अब नवंबर में यह छूट बढ़कर 9.17 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गई है।
बिजली खरीद और ईंधन लागत घटने से मिला उपभोक्ताओं को लाभ
एफपीएएएस व्यवस्था के नियमों के तहत जब बिजली खरीद और ईंधन की वास्तविक लागत निर्धारित टैरिफ में शामिल अनुमानित लागत से कम आती है, तो उसका सीधा लाभ उपभोक्ताओं को बिजली बिल में कटौती के रूप में हस्तांतरित किया जाता है। यूपीपीसीएल के अनुसार, बिजली खरीद लागत के कुशल प्रबंधन के चलते यह संभव हुआ है और इसका पूरा फायदा सीधे उपभोक्ताओं के बिलों में समायोजित किया जा रहा है।
पारदर्शी बिलिंग और उपभोक्ता हितों पर यूपीपीसीएल का जोर
यह राहत ऐसे समय में दी जा रही है जब यूपीपीसीएल पूरे राज्य में निर्बाध, विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ ही उपभोक्ता सेवाओं के आधुनिकीकरण पर काम कर रहा है। लगातार पांच महीनों से मिल रही यह वित्तीय छूट उपभोक्ता हितों की सुरक्षा, पारदर्शी बिलिंग प्रणाली और बिजली खरीद में दक्षता के प्रति निगम की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।