Panipat News: पानीपत की रहने वाली जुड़वा बहनें एंजेल अहलावत और सोफी अहलावत ने कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। दोनों बहनों ने 15 वर्ष की आयु में 12वीं उत्तीर्ण करने के बाद 16 साल की उम्र में उच्च शिक्षा के लिए ब्रिटेन का रुख किया था।
एंजेल अहलावत ने यूनिवर्सिटी ऑफ सरे में जीता सोसाइटीज चेयर का चुनाव
एंजेल अहलावत ने ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ सरे में 16 वर्ष की आयु में सोसाइटीज चेयर का चुनाव 800 वोटों के अंतर से जीता। उन्होंने चीन और यूरोप के उम्मीदवारों को हराकर यह मुकाम हासिल किया। एंजेल वर्तमान में क्रिमिनोलॉजी एवं फॉरेंसिक इन्वेस्टिगेशन की पढ़ाई कर रही हैं।
उनकी जुड़वा बहन सोफी अहलावत एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही हैं। एंजेल स्टूडेंट्स यूनियन में 16 हजार छात्रों और 150 से अधिक छात्र सोसायटियों का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। इसके अलावा वह इंडियन नेशनल स्टूडेंट्स एसोसिएशन यूके की राष्ट्रीय टीम का भी हिस्सा हैं।
हाउस ऑफ लॉर्ड्स से लेकर हरियाणा विधानसभा तक रखा अपना पक्ष
एंजेल ने ब्रिटेन की संसद के हाउस ऑफ लॉर्ड्स में अंतरराष्ट्रीय छात्रों और भारत-यूके शैक्षणिक सहयोग पर विचार रखे। उन्होंने लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग और दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने हरियाणा विधानसभा में आयोजित महिला युवा संवाद में भी हिस्सा लिया।
दूसरी ओर सोफी का चयन इसरो के आजादीसैट-2 कार्यक्रम के लिए 750 छात्राओं में हुआ था। उन्होंने इंडो-जर्मन कल्चरल एक्सचेंज प्रोग्राम में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया है। दोनों बहनों ने छात्र आंदोलनों के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा की आलोचना करते हुए मर्यादित संवाद पर जोर दिया।
दोनों बहनों के पिता नरेश अहलावत हरियाणा पुलिस में एसीपी हैं और माता आयुर्वेद चिकित्सक हैं। कम उम्र में विदेश जाकर कई चुनौतियों का सामना करते हुए सफलता पाने वाली इन बेटियों की उपलब्धियों पर पूरे प्रदेश को गर्व है और लोग उनकी जमकर सराहना कर रहे हैं।