पहलगाम आतंकी हमले की जांच करने वाले IPS संदीप चौधरी को मिला केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक

Share

- Advertisement -

New Delhi News: पहलगाम आतंकी हमले की जांच का नेतृत्व करने वाले राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के डीआईजी और आईपीएस अधिकारी संदीप चौधरी को 2026 के केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें जांच के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रदान किया गया है।

पहलगाम आतंकी हमले की जांच में अहम भूमिका निभाने वाले आईपीएस अधिकारी संदीप चौधरी को केंद्र सरकार ने 2026 के प्रतिष्ठित ‘केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक’ से सम्मानित किया है। यह पदक उन्हें अनुसंधान और जांच के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए दिया गया है। 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी, जिसकी जांच की जिम्मेदारी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपी गई थी। इस संवेदनशील मामले में संदीप चौधरी मुख्य जांच अधिकारी थे और उन्होंने आतंकी नेटवर्क के प्रमुख चेहरों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

पहलगाम मामले की जांच और आरोपपत्र

बैसरन घाटी में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के बाद एनआईए ने जांच की कमान संभाली। मुख्य जांच अधिकारी के तौर पर संदीप चौधरी के नेतृत्व में हुई जांच के दौरान लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हाफिज सईद और साजिद जट्ट सहित कई लोगों के नाम आरोपपत्र में शामिल किए गए। उल्लेखनीय है कि आरोपपत्र में नाम शामिल होना कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है और यह किसी आरोपी की गिरफ्तारी या दोषसिद्धि के बराबर नहीं होता।

आतंकवाद विरोधी अभियानों में नौ बार मिला वीरता पदक

संदीप चौधरी एजीएमयूटी कैडर के 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और वर्तमान में एनआईए में पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) के पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले वे जम्मू-कश्मीर के शोपियां, अनंतनाग और श्रीनगर जिलों में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। घाटी में आतंकवाद विरोधी अभियानों के सफल नेतृत्व के लिए उन्हें नौ बार वीरता पदक से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा उन्हें सेना प्रमुख, उत्तरी कमान के जीओसी-इन-सी, भारतीय वायुसेना की पश्चिमी वायु कमान और सीआरपीएफ से भी प्रशस्ति पदक प्राप्त हुए हैं।

सीमित संसाधनों से यूपीएससी तक का सफर

मूल रूप से पंजाब के रहने वाले संदीप चौधरी का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। 12वीं की बोर्ड परीक्षा से ठीक छह दिन पहले उनके पिता का निधन हो गया था। पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते वे नियमित कॉलेज नहीं जा सके और उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) से दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से पढ़ाई पूरी की। बिना किसी औपचारिक कोचिंग के उन्होंने खुद तैयारी जारी रखी।

12 सरकारी परीक्षाएं और पहले प्रयास में 158वीं रैंक

सिविल सेवा में आने से पहले संदीप चौधरी ने लगभग 12 सरकारी परीक्षाएं पास की थीं। इनमें डाक विभाग क्लर्क, बैंक पीओ, कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी), बीएसएफ असिस्टेंट कमांडेंट, नाबार्ड और यूजीसी नेट शामिल हैं। इसके बाद उन्होंने 2014 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में अपने पहले ही प्रयास में 158वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल कर आईपीएस सेवा प्राप्त की। पहलगाम जांच के लिए मिला यह नया पदक उनके करियर की एक और बड़ी उपलब्धि है।

Read more

Related News