Patna News: बिहार में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच गंगा नदी ने पटना में जलस्तर का पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। गांधी घाट पर नदी 50.57 मीटर के नए स्तर पर बह रही है। राज्य के 11 जिलों में करीब 16.85 लाख लोग बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं।
गांधी घाट पर गंगा का पानी 2016 के 50.52 मीटर के पिछले उच्चतम रिकॉर्ड से 5 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज हुआ है। लगातार बढ़ते पानी से पटना के दियारा और निचले इलाकों में खतरा बढ़ गया है। पंडारक में भी नदी 43.78 मीटर पर पहुंचकर 2021 के रिकॉर्ड से 5 सेंटीमीटर अधिक बह रही है।
बाढ़ का प्रकोप पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार और अरवल में देखा जा रहा है। 61 प्रखंडों की 300 से अधिक पंचायतें जलमग्न हैं। सड़कें डूबने से कई गांवों का संपर्क टूट गया है और लोग ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं।
गंगा के साथ गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन, बागमती और घाघरा नदियां भी लाल निशान से ऊपर बह रही हैं। मुख्य नदी का जलस्तर अधिक होने से सहायक नदियों की जल निकासी रुक गई है। पानी वापस बस्तियों और खेतों में फैलने से फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की 7 और एसडीआरएफ की 27 टीमों समेत कुल 34 टीमें तैनात हैं। बोट के जरिए लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है। साथ ही राशन और पानी के पैकेट बांटे जा रहे हैं। तटबंधों की सुरक्षा के लिए कर्मचारी लगातार निगरानी कर रहे हैं।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। यदि बारिश बढ़ती है तो नदियों का जलस्तर और चढ़ सकता है। आने वाले एक-दो दिन राज्य के बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए बेहद संवेदनशील माने जा रहे हैं।