मोहम्मद शमी के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास पर भावुक हुए मोर्नी मोर्कल, कहा- भारतीय भाषा समझने में की थी मदद

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New Delhi: भारतीय टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच मोर्नी मोर्कल ने भावुक प्रतिक्रिया दी है। मोर्कल ने शुरुआती दिनों में शमी से मिले सहयोग को याद करते हुए उनके योगदान की सराहना की। शमी ने 64 टेस्ट मैचों में 229 विकेट लेने के बाद इस प्रारूप को अलविदा कहा।

भारतीय टीम के मुख्य तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का फैसला किया है। उनके इस फैसले के बाद टीम के गेंदबाजी कोच मोर्नी मोर्कल ने उनके साथ अपने जुड़ाव को याद करते हुए उन्हें एक प्रतिभाशाली क्रिकेटर बताया। मोर्कल वर्ष 2024 में भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच बने थे। हालांकि, उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में शमी के साथ काम नहीं किया, लेकिन 2025 की शुरुआत में चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान दोनों ने साथ काम किया था।

शुरुआती दिनों में शमी ने की थी काफी मदद: मोर्कल

मेजबान प्रसारक ‘सोनी स्पोर्ट्स’ से मैच से पहले बातचीत करते हुए मोर्नी मोर्कल ने कहा, “मैं खुशकिस्मत हूं कि जब मैंने भारतीय टीम के साथ शुरुआत की, तब शमी टीम का हिस्सा थे। वह काफी प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और भारतीय भाषा को समझने में उन्होंने मेरी काफी मदद की थी। उन्हें टेस्ट क्रिकेट से विदा लेते देखना दुखद है।”

वनडे और टी20 प्रारूप में उपलब्ध रहेंगे शमी

36 वर्षीय मोहम्मद शमी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के बाद से भारतीय टीम से बाहर रहे हैं। भले ही उन्होंने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया हो, लेकिन वह सीमित ओवरों के प्रारूप में चयन के लिए उपलब्ध रहेंगे। इसके साथ ही वह घरेलू क्रिकेट में बंगाल और लीग स्तर पर अपनी आईपीएल टीम के लिए खेलना जारी रखेंगे।

अपने 13 साल के टेस्ट करियर में शमी ने 64 मुकाबलों में 229 विकेट हासिल किए। इस रिकॉर्ड के साथ वह भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में छठे सबसे सफल तेज गेंदबाज रहे। भारत के लिए इस पारंपरिक प्रारूप में उनसे अधिक विकेट केवल कपिल देव (434), जहीर खान (311), ईशांत शर्मा (311), जवागल श्रीनाथ (236) और जसप्रीत बुमराह (234) के नाम दर्ज हैं।

‘सफेद जर्सी छोड़ रहा हूं, लेकिन यादें नहीं’: मोहम्मद शमी

शमी ने शुक्रवार देर रात अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट साझा कर अपने फैसले की जानकारी दी। उन्होंने लिखा, “मैं सफेद जर्सी छोड़ रहा हूं लेकिन इससे जुड़ी यादों को नहीं। जब मैंने पहली बार भारत की जर्सी पहनी थी, तो एक ही सपना था—देश के लिए खेलना। हर विकेट, हर संघर्ष, हर चोट और हर वापसी ने मुझे कुछ न कुछ सिखाया है। टेस्ट क्रिकेट मेरे लिए केवल एक प्रारूप ही नहीं, बल्कि मेरे जीवन का खास हिस्सा रहा है। मैं आज भारी मन से और अनगिनत खूबसूरत यादों के साथ टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले रहा हूं।”

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