Chandigarh News: पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और शिरोमणि अकाली दल के बीच दोबारा गठबंधन की अटकलें तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे के नए फॉर्मूले पर मंथन चल रहा है, जिसके तहत बीजेपी करीब 47 से 48 सीटों पर दावा कर रही है। हालांकि, दोनों दलों की ओर से आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक गलियारों से आ रही खबरों के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी और शिरोमणि अकाली दल के बीच पुराना राजनीतिक गठबंधन फिर से बहाल होने की दिशा में बातचीत आगे बढ़ रही है। कृषि कानूनों के विरोध के चलते दो दशक पुराना गठबंधन टूटने के बाद, अब राज्य के मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में दोनों दलों को एक-दूसरे के सहयोग की आवश्यकता महसूस हो रही है।
सीट शेयरिंग के नए फॉर्मूले पर मंथन
सूत्रों का कहना है कि इस बार दोनों दलों के बीच सीट शेयरिंग के बदले हुए प्रारूप पर चर्चा चल रही है। पूर्व के चुनावों में बीजेपी पंजाब की कुल 117 विधानसभा सीटों में से केवल 23 सीटों पर चुनाव लड़ती रही है, जबकि प्रमुख हिस्सेदारी अकाली दल की होती थी। हालांकि, बदले हुए समीकरणों में बीजेपी करीब 47 से 48 सीटों पर अपनी दावेदारी पेश कर रही है। बताया जा रहा है कि बीजेपी उन क्षेत्रों पर अधिक ध्यान दे रही है जहां हालिया लोकसभा चुनावों में पार्टी को अच्छी बढ़त मिली थी। बाकी बची सीटों पर अकाली दल के प्रत्याशी मैदान में उतर सकते हैं।
बठिंडा में रैली और एनडीए में वापसी की संभावना
सियासी गलियारों में चर्चा है कि गठबंधन को लेकर दिवाली के बाद और गुरु नानक जयंती के आसपास कोई औपचारिक फैसला सामने आ सकता है। इस संभावित घोषणा के लिए अकाली दल के प्रभाव वाले क्षेत्र बठिंडा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक बड़ी जनसभा आयोजित किए जाने की भी तैयारी बताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, यदि यह समझौता अंतिम रूप लेता है, तो शिरोमणि अकाली दल की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में भी वापसी हो सकती है। इसके साथ ही हरसिमरत कौर बादल को केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल में पुनः शामिल किए जाने की संभावनाओं पर भी राजनीतिक हलकों में कयास लगाए जा रहे हैं।
दलों की नपी-तुली प्रतिक्रिया, आम आदमी पार्टी का तंज
फिलहाल दोनों ही दलों के वरिष्ठ नेता इस मुद्दे पर बेहद संभलकर बयान दे रहे हैं। शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल गठबंधन के सवाल पर यही दोहरा रहे हैं कि वे पंजाब के हितों और समान विचारधारा वाली पार्टी के साथ सहयोग को तैयार हैं, हालांकि उन्होंने एनडीए में वापसी को लेकर अभी खुलकर कुछ नहीं कहा है। वहीं, पंजाब बीजेपी इकाई का कहना है कि पार्टी स्तर पर सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी चल रही है और अंतिम फैसला पार्टी आलाकमान के निर्देशों पर निर्भर करेगा।
दूसरी ओर, सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने इस संभावित गठबंधन पर तंज कसा है। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि अकाली दल और बीजेपी मिलकर भी चुनाव लड़ लें, तब भी राज्य की राजनीति में उनकी स्थिति बदलने वाली नहीं है और जनता उन्हें सत्ता में लौटने का अवसर नहीं देगी।