Delhi News: जंतर-मंतर पर जेन जी का आंदोलन भले खत्म हो गया हो, लेकिन सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा जारी है। इसी बीच हिमाचल के मंडी से सांसद कंगना रनौत के एक बयान ने नए विवाद को जन्म दे दिया है। उन्होंने नई पीढ़ी की सोच और रवैये पर सवाल उठाए हैं।
हाल ही में कंगना रनौत ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में नई पीढ़ी को गटर जनरेशन कहा। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग नशा करने और कई संबंध बनाने को आजादी मानते हैं। कंगना के अनुसार ऐसी महिलाएं अपनी जिम्मेदारी नहीं समझतीं और उनमें बदसूरत सोच भरी हुई है।
कंगना रनौत के बयान पर सोशल मीडिया और राजनीति में घमासान
कंगना के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। सीजेपी के प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि वे कंगना को गंभीरता से नहीं लेते। इसके जवाब में कंगना ने उन्हें यूजलेस और बेरोजगार बताते हुए अपने दो नेशनल अवॉर्ड्स का जिक्र कर दिया।
यह मामला अब केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक रूप ले चुका है। कांग्रेस ने देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन किए हैं। वहीं पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने देश की बेटियों पर सवाल उठाने के लिए कंगना को संसद से निष्कासित करने की मांग की।
हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी कंगना के बयान को गलत ठहराया है। विक्रमादित्य सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि भगवान उन्हें सद्बुद्धि दे। चौतरफा घिरने के बाद सांसद कंगना रनौत ने कैमरे पर आकर अपने बयान की सफाई दी और अपना रुख स्पष्ट किया।
कंगना ने कहा कि उन्होंने केवल कुछ प्रदर्शनकारियों को गटरछाप कहा था जो अश्लील बर्ताव कर रहे थे। उनका मानना है कि समाज ऐसे व्यवहार को स्वीकार नहीं करेगा। यह बहस अब अभिव्यक्ति की आजादी, नई पीढ़ी और सार्वजनिक जीवन की मर्यादा तक पहुंच गई है।