New Delhi News: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘प्रगति’ (PRAGATI) प्लेटफॉर्म की 54वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए रेलवे, पीएम एकता मॉल और बल्क ड्रग पार्क से जुड़ी ₹16,000 करोड़ से अधिक की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रगति की व्यापक समीक्षा की। ये परियोजनाएं देश के 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैली हुई हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में निर्माण कार्यों को तय समय-सीमा में पूरा करने, संबंधित एजेंसियों के बीच आपसी तालमेल बढ़ाने और क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को तुरंत दूर करने पर जोर दिया गया।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि पीएम एकता मॉल केवल व्यावसायिक इमारतें बनकर न रहें, बल्कि वे स्थानीय उत्पादों को बड़ा बाजार दिलाने, कारीगरों की आजीविका सुरक्षित करने और उनके व्यापार विस्तार का मजबूत माध्यम बनें। उन्होंने इन मॉल्स को पर्यटन व स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने और इनके निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बल्क ड्रग पार्क और प्रमुख रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास
आंध्र प्रदेश, गुजरात और हिमाचल प्रदेश में विकसित किए जा रहे बल्क ड्रग पार्कों की समीक्षा करते हुए प्रधानमंत्री ने एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (API) और आवश्यक औषधीय कच्चे माल के घरेलू विनिर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने कहा कि इससे दवा उद्योग में देश की आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।
इसके साथ ही, अहमदाबाद रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य की प्रगति का जायजा लेते हुए उन्होंने देश भर के प्रमुख स्टेशनों के आधुनिकीकरण को गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने इन स्टेशनों को मेट्रो सहित परिवहन के अन्य साधनों से जोड़कर आधुनिक मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित करने पर बल दिया।
परिणाम-आधारित शासन और नियमित निगरानी पर बल
प्रधानमंत्री ने राज्यों के मुख्य सचिवों को निर्देश दिया कि वे जिलाधिकारियों के साथ मिलकर हर महीने प्रमुख विकास योजनाओं और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा करें, ताकि पात्र लाभार्थियों तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी देरी के पहुंच सके।
उन्होंने रेखांकित किया कि प्रशासनिक तंत्र का ध्यान केवल बजट खर्च करने पर नहीं, बल्कि उसके जमीनी परिणामों (आउटकम) पर केंद्रित होना चाहिए। आकांक्षी जिलों और आकांक्षी प्रखंडों में विकास की गति तेज करने के लिए बेहतर समन्वय, निरंतर निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उल्लेखनीय है कि प्रगति प्लेटफॉर्म केंद्र और राज्यों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित कर अटकी परियोजनाओं का त्वरित समाधान निकालने का एक सशक्त डिजिटल माध्यम है।