New Delhi News: पैकेटबंद खाद्य पदार्थों पर चीनी, नमक या फैट की अधिक मात्रा की स्पष्ट चेतावनी पैकेट के सामने होनी चाहिए। लोकल सर्कल्स के नए सर्वे में अस्सी प्रतिशत उपभोक्ताओं ने एक भी सामग्री सीमा से अधिक होने पर चेतावनी देने की मांग की है। लोग इसे जल्द लागू करना चाहते हैं।
पैकेट के सामने बड़े वॉर्निंग लेबल की जरूरत
सर्वे में शामिल 88 प्रतिशत उपभोक्ताओं का मानना है कि चेतावनी लेबल काफी बड़ा और सुपाठ्य होना चाहिए, ताकि पैकेट के सामने से ही ग्राहक इसे आसानी से देख सकें। इस सर्वे में 23 हजार से अधिक लोगों ने अपनी राय देकर पैकेज्ड फूड के सुरक्षित मानकों पर जोर दिया है।
एफएसएसएआई के दो चरणों वाले प्रस्ताव पर सवाल
नियामक संस्था एफएसएसएआई ने सुप्रीम कोर्ट में लाल रंग के हेक्सागोनल सिंबल से चेतावनी देने का प्रस्ताव रखा था। इसके पहले चरण में तभी लेबल अनिवार्य होगा, जब कम से कम दो सामग्रियां तय सीमा से अधिक हों। हालांकि उपभोक्ता इस व्यवस्था को टालने के बजाय तुरंत अनिवार्य करने के पक्ष में हैं।
कुल मात्रा के आधार पर तय हो मानक
सर्वे में 53 प्रतिशत लोगों ने कहा कि चेतावनी केवल अतिरिक्त मिलाई गई सामग्री पर नहीं, बल्कि उत्पाद में मौजूद कुल चीनी, नमक और सैचुरेटेड फैट के आधार पर होनी चाहिए। ग्राहक चाहते हैं कि उन्हें उत्पाद की असली पोषण स्थिति की पूरी जानकारी पारदर्शी ढंग से मिले।
नियमों को जमीन पर उतारने की समय-सीमा को लेकर भी लोगों ने त्वरित कदम उठाने की मांग की है। 88 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य जोखिमों को देखते हुए इस नए नियम को आगामी छह महीने के भीतर अनिवार्य रूप से लागू कर दिया जाना चाहिए।