Delhi News: NEET-UG परीक्षा को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन जारी है। इस आंदोलन के बीच केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह चर्चा में आ गए हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों से उनकी मुलाकात के बाद बातचीत का रास्ता खुला है। वह राजनीति में आने से पहले एक नामी डॉक्टर और विशेषज्ञ रहे हैं।
डॉ. जितेंद्र सिंह की शिक्षा और मेडिकल क्षेत्र में करियर
डॉ. जितेंद्र सिंह का जन्म 6 नवंबर 1956 को जम्मू में हुआ था। उनके पिता राजिंदर सिंह और माता शांति देवी थीं। उन्होंने 1978 में स्टेनली मेडिकल कॉलेज चेन्नई से MBBS किया। बाद में AIIMS नई दिल्ली और गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज जम्मू से MD की डिग्री हासिल की। नोएडा की यूनिवर्सिटी से उन्हें मानद PhD मिली।
उन्हें डायबिटीज और एंडोक्राइनोलॉजी के क्षेत्र में महारत हासिल है। उन्होंने MNAMS की उपाधि और फेलोशिप भी प्राप्त की। उन्होंने लंबे समय तक प्रोफेसर और सलाहकार चिकित्सक के रूप में कार्य किया। उन्होंने मधुमेह पर शोधपत्र और पुस्तकें भी लिखी हैं। साथ ही वह कई वर्षों तक अखबारों में स्तंभ भी लिखते रहे।
बीजेपी से जुड़ने के बाद डॉ. जितेंद्र सिंह का राजनीतिक सफर
चिकित्सा क्षेत्र में लंबा अनुभव हासिल करने के बाद डॉ. जितेंद्र सिंह बीजेपी में शामिल हुए। वह जम्मू-कश्मीर बीजेपी के प्रमुख प्रवक्ता रहे। 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने उधमपुर सीट से गुलाम नबी आजाद को हराया। इसके बाद 2019 और 2024 में भी इसी सीट से जीतकर वह लगातार तीसरी बार सांसद बने।
वर्तमान में वह विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार संभाल रहे हैं। इसके अलावा वह PMO, कार्मिक, लोक शिकायत, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष विभाग में राज्य मंत्री हैं। सरकार में उनके पास कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी है और वे केंद्र में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
NEET प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर छात्रों से मुलाकात
NEET-UG 2026 पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने के बाद जंतर-मंतर पर विरोध शुरू हुआ। इस दौरान राहुल गांधी ने भी छात्रों की मांगों का समर्थन किया। इसके बाद डॉ. जितेंद्र सिंह ने CJP प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी मांगें सुनीं। उन्होंने जेपी नड्डा के साथ सोनम वांगचुक का अनशन समाप्त कराया।