Delhi News: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने जंतर-मंतर पर जारी अपना धरना खत्म कर दिया है। संविधान क्लब में केंद्रीय मंत्रियों और सीजेपी नेताओं की बैठक में मांगों पर सहमति बनी। इसके बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में आंदोलन वापस लेने की औपचारिक घोषणा की गई।
बैठक में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉक्टर जितेंद्र सिंह मौजूद रहे। कॉकरोच जनता पार्टी की तरफ से सौरव दास और आशुतोष रांका ने बातचीत में भाग लिया। सौरव दास ने बताया कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा उनकी पहली मुख्य मांग थी। सरकार ने इस मांग को पूरी तरह स्वीकार कर लिया है।
प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस वापस लेगी केंद्र सरकार
सौरव दास ने कहा कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी एफआईआर वापस लेने का आश्वासन दिया है। पुलिस जल्द ही इन एफआईआर की कॉपी आयोजकों के साथ शेयर करेगी। अगले तीन से चार दिनों में केस वापसी की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। सरकार ने आयोजकों पर कोई कार्रवाई न करने की बात भी मान ली है।
आशुतोष रांका ने कहा कि नीट पीड़ितों के परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग रखी गई थी। सरकार ने नियम और कानून के दायरे में रहकर हर संभव मानद मुआवजा देने पर सहमति जताई है। इसके अलावा, शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलावों के लिए पांच पॉइंट का डिमांड चार्टर भी सौंपा गया है।
शिक्षा सुधारों पर चार हफ्ते बाद दोबारा होगी बैठक
मांग पत्र पर चर्चा के लिए सीजेपी का प्रतिनिधिमंडल चार हफ्ते बाद सरकार से दोबारा मुलाकात करेगा। अगर सभी मांगों को सही तरीके से लागू किया जाता है, तो आंदोलन पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार ने सभी मुद्दों पर बेहद सहानुभूतिपूर्वक विचार करके उन्हें स्वीकार कर लिया है।
जेपी नड्डा के अनुसार, सीजेपी के नेता चार बिंदुओं का एक लिखित ड्राफ्ट लेकर आए थे। इसमें कानूनी मामलों, मुआवजे और परीक्षा सुधारों जैसे मुख्य मुद्दे शामिल थे। सरकार ने आश्वासन दिया है कि छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से बात करके परीक्षा सुधार के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे और किसी के खिलाफ बदले की कार्रवाई नहीं होगी।