कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन पर दर्ज एफआईआर वापसी को लेकर दिल्ली पुलिस को सरकार के आदेश का इंतजार

Share

- Advertisement -

Delhi News: कॉकरोच जनता पार्टी के हालिया प्रदर्शन के बाद दर्ज मामलों को वापस लेने के मुद्दे पर दिल्ली पुलिस का रुख सामने आया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार एफआईआर रद्द करने या केस वापस लेने के लिए अभी तक सरकार से कोई लिखित निर्देश नहीं मिला है। निर्देशों के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनशन खत्म होने के बाद एफआईआर वापसी की चर्चा तेज हो गई है। सीजेपी का दावा है कि सरकार ने उनकी मांगों पर विचार करते हुए एफआईआर वापस लेने का लिखित आश्वासन दिया है। फिलहाल पुलिस को आधिकारिक आदेशों का इंतजार है।

कानूनी प्रक्रिया के तहत कैसे वापस हो सकती है एफआईआर

दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक एफआईआर एक आधिकारिक रिकॉर्ड होता है जिसे सीधे रद्द नहीं किया जा सकता। किसी भी मामले में तीन कानूनी विकल्प होते हैं। पुलिस जांच के बाद चार्जशीट दाखिल करे, जांच पूरी कर क्लोजर रिपोर्ट लगाए या फिर सरकार खुद अदालत में मुकदमा वापस लेने की याचिका दायर करे।

यदि सरकार आधिकारिक रूप से अभियोग वापस लेने का फैसला करती है तो पुलिस आगे की जांच रोक देती है। 20 जुलाई को हुए उग्र प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कुल 15 मामले दर्ज किए थे। इस हिंसा में 129 पुलिसकर्मी और 11 वरिष्ठ अधिकारी घायल हुए थे, जबकि 60 प्रदर्शनकारियों को भी चोटें आई थीं।

कर्तव्य पथ थाने में दर्ज हुई थी गंभीर धाराओं में एफआईआर

एक प्रमुख मामला कर्तव्य पथ पुलिस स्टेशन में इंस्पेक्टर की शिकायत पर दर्ज हुआ था। इसमें हत्या के प्रयास यानी बीएनएस की धारा 109 (1) के अलावा दंगा भड़काने, गैरकानूनी जमावड़ा और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए गए थे। प्रदर्शनकारियों पर पुलिस दल पर पथराव करने का भी आरोप है।

पुलिस की जांच में 15 टेराबाइट से अधिक के वीडियो फुटेज खंगाले गए हैं। इंटेलिजेंस इनपुट के अनुसार जंतर-मंतर पर 10 से 15 हजार लोगों के जुटने की संभावना थी, लेकिन संसद मार्च के दौरान भीड़ काफी ज्यादा बढ़ गई थी। पुलिस का मानना है कि इस पूरे प्रदर्शन को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स संचालित कर रहे थे।

Desh Raj
Desh Raj
Please wait....

Read more

Related News