Guwahati News: असम में जारी विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। पिछले 24 घंटों के भीतर चार और लोगों की जान जाने के साथ ही इस मानसून सत्र में बाढ़ से मरने वालों का कुल आंकड़ा बढ़कर 66 हो गया है।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) की रिपोर्ट के अनुसार हाल ही में हुई चार मौतों में से तीन शिवसागर जिले से और एक चराइदेव से दर्ज की गई है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ का संकट लगातार बना हुआ है।
10 जिलों में हाहाकार, शिवसागर सबसे अधिक प्रभावित
आंकड़ों के अनुसार राज्य के 10 जिलों में 6.54 लाख से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं। इनमें गोलाघाट, चराइदेव, कामरूप, होजई, डिब्रूगढ़, शिवसागर, जोरहाट, सोनितपुर, कामरूप मेट्रो और नगांव शामिल हैं।
शिवसागर जिला इस आपदा से सबसे अधिक प्रभावित हुआ है, जहां 2.90 लाख से अधिक आबादी संकट में है। इसके बाद चराइदेव और जोरहाट प्रभावित हैं। बाढ़ के पानी ने 810 गांवों को चपेट में ले लिया है।
खतरे के निशान से ऊपर नदियां और फसल को नुकसान
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शिवसागर में दिखौ नदी और नुमालीगढ़ में धनसिरी नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इस प्राकृतिक आपदा ने राज्य के कृषि क्षेत्र की कमर तोड़ दी है।
लगभग 34,970 हेक्टेयर फसल क्षेत्र पूरी तरह पानी में डूब चुका है। पशुधन को भी भारी नुकसान पहुंचा है, जिसमें 4.5 लाख से अधिक जानवर प्रभावित हुए हैं और 3,000 से अधिक पशु पानी में बह गए हैं।
राहत कार्य जारी, केंद्रीय मंत्री ने जाना हाल
प्रशासन ने प्रभावितों की मदद के लिए 274 राहत शिविर खोले हैं, जिनमें 18,902 लोग शरण लिए हुए हैं। बुनियादी ढांचे को भारी क्षति हुई है, जिसमें 143 सड़कें और कई तटबंध क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शिवसागर में राहत शिविरों का दौरा कर स्थिति को गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर राहत कार्यों में जुटी हैं और बचाव दल काम कर रहे हैं।