Shimla News: जलवायु परिवर्तन और प्रतिकूल मौसम के चलते सेब उत्पादन पर बढ़ते संकट के बीच हिमाचल प्रदेश में अब ब्लूबेरी की व्यावसायिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। बागवानी विभाग बागवानों को उन्नत किस्मों के पौधे उपलब्ध कराएगा। नियंत्रित माध्यम में पॉलीहाउस तकनीक से होने वाली इस खेती के लिए 70 प्रतिशत से अधिक अनुदान का प्रावधान किया गया है।
हिमाचल प्रदेश में जलवायु परिवर्तन और मौसम की अनिश्चितता के कारण सेब उत्पादन और बागवानों की आमदनी पर बढ़ते खतरे को देखते हुए बागवानी विभाग ने विकल्पों की तलाश तेज कर दी है। इसके तहत राज्य में अब उच्च बाजार मूल्य वाली फसल ब्लूबेरी की व्यावसायिक खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा। विभाग का उद्देश्य बागवानों को कम भूमि क्षेत्र में अधिक आय अर्जित करने का विकल्प देना है।
ब्लूबेरी की खेती पारंपरिक फसलों या सेब की तरह खुले खेतों में संभव नहीं है। इसके लिए पॉलीहाउस और नियंत्रित वातावरण की आवश्यकता होती है, जिसमें मिट्टी या विशेष ग्रोइंग सब्सट्रेट की अम्लीयता (एसिडिटी) का संतुलित होना अनिवार्य है। इस दिशा में बागवानों को प्रोत्साहित करने के लिए विभाग निर्धारित नियमों के तहत पॉलीहाउस निर्माण पर 70 प्रतिशत से अधिक अनुदान उपलब्ध करा रहा है।
12 उन्नत किस्मों के 5 लाख पौधे तैयार, शुरुआती चरण में 25 हजार का वितरण
बागवानी विभाग ने प्रदेश में ब्लूबेरी की 12 उन्नत किस्मों के लगभग पांच लाख पौधे तैयार किए हैं। पहले चरण में इनमें से 25 हजार पौधे पात्र बागवानों को बांटे जाएंगे।
व्यावसायिक उत्पादन शुरू करने से पहले विभाग ने पालमपुर, नौणी, शिलारू, क्वागधार और नम्होल में एक-एक एकड़ भूमि पर ब्लूबेरी के प्रदर्शन बाग (डिस्प्ले ऑर्चर्ड) स्थापित किए हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इन केंद्रों से शुरुआती परिणाम काफी सकारात्मक और उत्साहजनक सामने आए हैं।
पौधे की कीमत और पॉलीहाउस में रोपण का खर्च
ब्लूबेरी के एक पौधे की कीमत लगभग 600 रुपये तय की गई है। बागवानों की सुविधा के लिए पौधे विशेष ग्रो बैग में उपलब्ध कराए जाएंगे, जिनमें एक बैग में एक पौधा लगाया जाता है। इसके अलावा तीन पौधों के संयुक्त पैकेज की कीमत 1,500 से 2,000 रुपये के बीच रखी गई है। तकनीकी मानकों के अनुसार, 500 वर्गमीटर क्षेत्र में बने एक पॉलीहाउस में लगभग 500 पौधे लगाए जा सकते हैं।
800 से 2000 रुपये प्रति किलो तक बाजार भाव
ब्लूबेरी की खेती की ओर बागवानों का रुझान बढ़ने की मुख्य वजह इसका बाजार मूल्य है। गुणवत्ता और मांग के आधार पर खुले बाजार में यह फल 800 रुपये से लेकर 2,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक बिकता है। घरेलू के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी इसकी व्यापक मांग है।
स्वास्थ्य के लिहाज से भी ब्लूबेरी काफी उपयोगी मानी जाती है। इसमें प्रचुर मात्रा में एंथोसायनिन, फाइबर और विटामिन्स पाए जाते हैं। इसके शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट गुणों के चलते स्वास्थ्य के प्रति जागरूक उपभोक्ताओं के बीच इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है।