Solan News: हिमाचल प्रदेश में सोलन जिले के कसौली क्षेत्र की पहाड़ियों और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए निर्माण गतिविधियों पर निगरानी तंत्र को मजबूत कर दिया गया है। एनजीटी के निर्देशों के अनुपालन में प्रदेश सरकार ने कसौली योजना क्षेत्र के लिए दो स्तरीय विशेष समितियों का गठन किया है, जिसकी अधिसूचना नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग द्वारा जारी कर दी गई है।
एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) ने 5 अक्टूबर 2018 को ‘सोसाइटी फॉर प्रिजर्वेशन ऑफ कसौली एंड इट्स एनवायरनमेंट (स्पोक)’ बनाम अन्य मामले में यह आदेश दिए थे। इन्हीं निर्देशों के तहत सरकार ने यह विशेष व्यवस्था बनाई है, जिसमें एक पर्यवेक्षण समिति और दूसरी क्रियान्वयन समिति शामिल है। इन दोनों समितियों का मुख्य उद्देश्य योजना क्षेत्र में हो रहे निर्माण कार्यों की निगरानी करना, विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना है।
भवनों के प्रस्तावों की जांच और नियमित बैठकें
क्रियान्वयन समिति के तहत सरकारी अस्पतालों, अग्निशमन सेवाओं, स्कूलों, कॉलेजों, सार्वजनिक सेवाओं और बुनियादी ढांचे से जुड़े उन भवन प्रस्तावों की जांच की जाएगी, जिनमें दो मंजिल से अधिक का निर्माण प्रस्तावित है। जांच के बाद उचित पाए जाने वाले मामलों को आगे की मंजूरी के लिए पर्यवेक्षण समिति के पास भेजा जाएगा।
नियमों के मुताबिक, क्रियान्वयन समिति की बैठक हर दो महीने में जबकि पर्यवेक्षण समिति की बैठक हर तीन महीने में आयोजित की जाएगी। इससे निर्माण प्रस्तावों की नियमित समीक्षा और विभागीय जवाबदेही तय करने में मदद मिलेगी।
समितियों में शामिल वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ
पर्यवेक्षण समिति की अध्यक्षता नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के सचिव करेंगे। इसमें एनआईटी हमीरपुर और गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान के नामित विशेषज्ञों के अलावा राजस्व, पर्यावरण, प्रदूषण नियंत्रण, भू-विज्ञान, नगर नियोजन और सोलन जिला प्रशासन के प्रतिनिधि शामिल हैं। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के निदेशक इसके सदस्य सचिव होंगे।
दूसरी ओर, क्रियान्वयन समिति की अध्यक्षता विभाग के निदेशक करेंगे, जिसमें वन, पर्यटन, पुलिस, लोक निर्माण, जल शक्ति, बिजली बोर्ड, अग्निशमन और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों को शामिल किया गया है।