Nerwa News: हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने नेरवा में नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों के सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सुक्खू सरकार की विदाई का समय नजदीक आ गया है और प्रदेश में जल्द ही भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी।
गारंटियों को पूरा करने में विफल रही सरकार
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने विधानसभा चुनावों के दौरान महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये देने और पांच वर्षों में पांच लाख सरकारी नौकरियां उपलब्ध करवाने जैसी तमाम बड़ी गारंटियां दी थीं, लेकिन सत्ता में आने के बाद इन्हें पूरा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने भाजपा शासनकाल में शुरू की गई हिमकेयर, सहारा और स्वावलंबन जैसी जनहितकारी योजनाओं को बंद करके गरीबों और जरूरतमंदों को मिलने वाली स्वास्थ्य व वित्तीय सुविधाओं को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।
कानून व्यवस्था और विकास कार्यों पर उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने 125 यूनिट मुफ्त बिजली और जनमंच जैसी पहलों के माध्यम से जनता को बड़ी राहत पहुंचाई थी, जबकि मौजूदा सरकार की कार्यप्रणाली पूरी तरह जनविरोधी साबित हो रही है। उन्होंने ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को कागजी आयोजनों के बजाय जमीनी स्तर पर जनसमस्याओं के समाधान पर ध्यान देना चाहिए।
प्रदेश में बढ़ते नशे और आपराधिक वारदातों पर गहरी चिंता जताते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चिट्टा माफिया के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय अन्य मामलों की जांच को प्राथमिकता दे रही है। साथ ही, उन्होंने हालिया पंचायत और जिला परिषद चुनावों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों के शानदार प्रदर्शन को जनता के बढ़ते समर्थन का स्पष्ट संकेत बताया।
सड़क सुधार का आश्वासन और ‘मन की बात’ का श्रवण
इस दौरान उन्होंने सैंज-देहा-नेरवा-चौपाल सड़क के जल्द सुधार का आश्वासन दिया और क्षेत्र के विकास के लिए भाजपा को मजबूत करने की अपील की। इसके अलावा, चौपाल में उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का नवीनतम एपिसोड भी सुना। इस मौके पर उन्होंने लोगों से ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान के तहत स्वदेशी उत्पादों को अपनाने, स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहित करने, प्राकृतिक खेती करने और पर्यावरण संरक्षण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।