Shimla News: हिमाचल प्रदेश के चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू और सिरमौर जिलों में मौसम विभाग ने भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। इस मानसून सीजन में पहली बार रेड अलर्ट घोषित हुआ है। इसके अलावा ऊंची चोटियों पर हिमपात और कई इलाकों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है।
चंबा के चुवाड़ी में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज
बीते चौबीस घंटों के दौरान राज्य के पहाड़ी इलाकों जैसे बारालाचा, कुंजुम और रोहतांग में हल्का हिमपात दर्ज किया गया। वहीं चंबा के चुवाड़ी में सबसे अधिक 176 मिलीमीटर बारिश हुई, जो इस सीजन में सबसे ज्यादा है। धर्मशाला में भी 87 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो जुलाई में काफी अधिक है।
अत्यधिक भारी बारिश से बाढ़ और भूस्खलन का खतरा
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 20 और 21 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इससे बाढ़, भूस्खलन और नदी-नालों के उफान पर आने का गंभीर खतरा है। प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा टालने और सतर्क रहने की सलाह दी है। ऊना और शिमला में ऑरेंज अलर्ट जारी है।
विभिन्न जिलों में बारिश के आंकड़े और तापमान का हाल
प्रदेश में जुलाई में अब तक 143 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो सामान्य से 2 प्रतिशत कम है। सिरमौर में सबसे ज्यादा 290 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। किन्नौर में सामान्य से 60 प्रतिशत अधिक बारिश हुई। राज्य भर में अधिकतम तापमान में औसतन पांच डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के अलर्ट और उनके प्रशासनिक मायने
मौसम विभाग मौसम की गंभीरता के अनुसार यलो, ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी करता है। यलो अलर्ट का मतलब मौसम खराब होने की चेतावनी है। ऑरेंज अलर्ट में बहुत भारी बारिश और भूस्खलन का जोखिम रहता है। वहीं रेड अलर्ट सबसे खतरनाक होता है, जिसमें जान-माल के भारी नुकसान की आशंका बनी रहती है।