Shimla News: हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार दोबारा सत्ता में लौटकर इतिहास रचेगी। राज्य सरकार के डिप्टी चीफ व्हिप केवल सिंह पठानिया ने दावा किया कि भाजपा का सत्ता में वापसी का सपना अधूरा रहेगा। उन्होंने शिमला में केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा।
दिल्ली में आयोजित विरोध प्रदर्शन से लौटने के बाद पठानिया ने मंगलवार को शिमला में प्रेसवार्ता की। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया, आपदा राहत कोष, स्वास्थ्य सेवाओं और विकास परियोजनाओं को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और ईवीएम व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।
पठानिया ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के इशारे पर चुनाव आयोग ने मतदाता सूची से 13 करोड़ लोगों के नाम हटा दिए हैं। उन्होंने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर द्वारा हिमाचल भवन को लेकर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के हिमाचल दौरे पर टिप्पणी करते हुए पठानिया ने आपदा राहत पैकेज पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि केंद्र से मिली सहायता राज्य का हक थी और सड़कों व पेयजल के लिए कोई अतिरिक्त बजट नहीं मिला है।
पठानिया ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1,500 करोड़ रुपये के लिए डीपीआर की शर्त लगाना समझ से परे है। इसके साथ ही उन्होंने नड्डा पर राज्य को कोई बड़ा स्वास्थ्य प्रोजेक्ट न दिलाने का आरोप लगाया। उन्होंने हिमाचल के लिए राजस्व घाटा अनुदान को तुरंत बहाल करने की भी मांग की।
किशाऊ बांध परियोजना का जिक्र करते हुए पठानिया ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने इस दिशा में कोई काम नहीं किया। अब मुख्यमंत्री सुक्खू के प्रयासों से राज्य को इस परियोजना से 1,200 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद जगी है। कांग्रेस सरकार राज्य के हितों की रक्षा के लिए लगातार प्रयासरत है।
