हिमाचल में मानसून की तबाही से 285 लोगों की मौत, राज्य को हुआ 1,550 करोड़ रुपये का भारी नुकसान

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Shimla News: हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान बारिश सामान्य से 10 फीसदी कम रही, लेकिन तबाही का आंकड़ा बेहद डरावना है। राज्य में बारिश, लैंडस्लाइड और हादसों से अब तक 285 लोगों की जान जा चुकी है। इसके अलावा प्रदेश को लगभग 1,550 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ है।

मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो-तीन दिन मानसून थोड़ा शांत रहने वाला है। 10 से 12 सितंबर तक ऊंचे पहाड़ी इलाकों में मौसम साफ रहेगा, जबकि निचले क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। हालांकि 13 सितंबर से मानसून एक बार फिर एक्टिव मोड में लौट आएगा और बारिश तेज होगी।

14 और 15 सितंबर को प्रदेशभर में बारिश की गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना जताई गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि 15 सितंबर तक भारी बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं हुआ है। बुधवार को शिमला समेत राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहे।

पिछले 24 घंटों में सिरमौर के धौलाकुआं में सबसे ज्यादा 40 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं कांगड़ा के गुलेर और धर्मशाला में 20-20 मिमी बारिश हुई। प्रशासन ने आम लोगों और पर्यटकों को नदी-नालों तथा लैंडस्लाइड वाले संवेदनशील इलाकों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।

30 जून को आए मानसून ने इस बार अलग-अलग जिलों में काफी असमानता दिखाई है। राज्य के आठ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज हुई, जबकि चार जिले बूंद-बूंद पानी को तरस गए। पिछले साल की तुलना में इस बार मानसूनी बारिश की रफ्तार काफी धीमी रही है।

लाहुल-स्पीति में मानसून लगभग नदारद रहा, जहां सामान्य से 99 फीसदी कम पानी बरसा। इसके अलावा चंबा में 64 फीसदी, ऊना में 31 फीसदी और कुल्लू में 22 फीसदी कम बारिश हुई। दूसरी ओर किन्नौर में 73 फीसदी और सिरमौर में 68 फीसदी अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई।

हमीरपुर में 23 प्रतिशत, मंडी में 21 प्रतिशत, शिमला में 10 प्रतिशत, कांगड़ा में 9 प्रतिशत और सोलन में 2 प्रतिशत अधिक बारिश हुई। कम बारिश के बावजूद हादसों ने गहरे जख्म दिए हैं। सीजन में अब तक 285 मौतें हुईं और 510 लोग घायल हुए हैं।

हादसों में जान गंवाने वालों में 171 लोग सड़क दुर्घटनाओं का शिकार हुए, जबकि 114 लोगों की मौत भूस्खलन और बाढ़ से हुई। आपदा में 124 घर पूरी तरह तबाह हो गए, 496 घरों को नुकसान पहुंचा और 70 सड़कें पूरी तरह ठप पड़ी हैं।

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

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