Shimla News: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में कहा कि राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों में खाली पड़े पैरामेडिकल स्टाफ के पद अगले साल जून तक भर दिए जाएंगे। सरकार आउटसोर्स व्यवस्था को कम करने और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
सदन में प्रश्नकाल के दौरान विधायक जीतराम कटवाल और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के संयुक्त सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पासिंग मार्क्स को बढ़ा दिया है। साथ ही प्रदेश में 5 लाख से अधिक रोजगार के अवसर बनाए गए हैं।
पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और पुलिस विभाग में नए पद
सीएम ने स्पष्ट किया कि सभी सरकारी भर्तियां राज्य चयन आयोग और लोक सेवा आयोग के माध्यम से हो रही हैं। पिछली सरकार के समय पुलिस भर्ती में पेपर लीक हुआ था, जबकि मौजूदा सरकार ने 1350 पुलिस कर्मियों की भर्ती पूरी की है और 1000 नए पदों पर प्रक्रिया शुरू हो रही है।
कौशल विकास योजना में हुई पुरानी वित्तीय गड़बड़ियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्किल डेवलपमेंट रोजगार से सही तरीके से नहीं जुड़ा था। पिछली सरकार में जहां केवल 15 बच्चे मौजूद थे, वहां 50 का स्टाइपेंड बांट दिया गया। सरकार केवल प्रासंगिक और जरूरी पदों को ही सक्रियता से भर रही है।
राजीव गांधी मत्स्य योजना और योजनाओं के नाम पर तकरार
मछली पालकों को मिलने वाली आर्थिक मदद पर सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य योजना से कोई राशि नहीं दी गई है। राज्य के सभी मछुआरों को राजीव गांधी मत्स्य योजना के तहत ही वित्तीय लाभ दिया जा रहा है। सरकार अपनी योजनाओं के माध्यम से पात्र लोगों तक पूरा लाभ पहुंचा रही है।
योजनाओं के नामकरण पर विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए सुक्खू ने कहा कि उनका नाम सुखविंदर सिंह है, सुख नहीं। जिस तरह आपका नाम जयराम है, जयहिंद नहीं। सुख शब्द असल में हैप्पीनेस को दर्शाता है। इससे पहले जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया था कि पुरानी सरकारी योजनाओं के नाम बदले जा रहे हैं।