Kullu News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कुल्लू दौरे के दौरान बाजौर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए बड़ा ऐलान किया है। सरकार के चार साल पूरे होने पर दिसंबर महीने से दूध का खरीद मूल्य बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर किया जाएगा, साथ ही प्राकृतिक कृषि उत्पादों के समर्थन मूल्य में भी बढ़ोतरी की गई है।
हिमाचल प्रदेश में ग्रामीण महिलाओं और किसानों की आर्थिकी को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार लगातार अहम कदम उठा रही है। कुल्लू के बजौरा में आयोजित जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने घोषणा की कि सरकार के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर दूध का खरीद मूल्य बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर कर दिया जाएगा। इसके अलावा किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए प्राकृतिक खेती से जुड़े उत्पादों के दाम भी तय किए गए हैं।
कृषि उत्पादों के नए खरीद मूल्य
सरकार के निर्णय के अनुसार अब प्रदेश में हल्दी 150 रुपये, मक्की 50 रुपये, लहसुन 80 रुपये और अदरक 30 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदे जाएंगे। सरकार का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि करना और स्थानीय कृषि उत्पादों को एक मजबूत और सुरक्षित बाजार उपलब्ध कराना है, ताकि किसानों को बिचौलियों से राहत मिल सके।
स्वास्थ्य सेवाओं और अस्पतालों में सुदृढ़ीकरण
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए भी कई घोषणाएं कीं। उन्होंने बजौरा के आयुर्वेदिक अस्पताल और बंजार के सिविल अस्पताल के लिए विशेष धनराशि जारी करने की बात कही। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए आयुर्वेदिक औषधालयों में खाली पड़े पदों को जल्द भरा जाएगा।
उन्होंने बताया कि पहले इन चिकित्सा संस्थानों में स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 35 प्रतिशत पद ही भरे हुए थे, जिसे अब बढ़ाकर 70 से 80 प्रतिशत तक ले जाने का कड़ा लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
चिकित्सा शिक्षा और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता
चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य में स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रमों की सीटों को 277 से बढ़ाकर 320 कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में कुल 320 सीटों की व्यवस्था होगी, जिससे चिकित्सकों को विशेषज्ञता हासिल करने के अधिक अवसर मिलेंगे और प्रदेश के अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने चिंता जताते हुए कहा कि हर साल हिमाचल के लोग गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए बाहर के राज्यों में करीब एक हजार करोड़ रुपये खर्च कर देते हैं। सरकार का प्रयास है कि स्थानीय स्तर पर ही मरीजों को उच्च कोटि की स्वास्थ्य सुविधाएं और पर्याप्त चिकित्सक मिल सकें, ताकि लोगों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े।