एंटीबायोटिक के गलत इस्तेमाल और एएमआर के खतरे के प्रति जागरूक करने के लिए 16 नवंबर को बिलासपुर में होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम

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Bilaspur News: छोटी सी बीमारी में बिना चिकित्सकीय सलाह एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन करना भविष्य में एक गंभीर खतरा बन सकता है। दवाओं के लगातार और गलत इस्तेमाल से बैक्टीरिया पर इनका असर कम होने लगता है, जिसे एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) कहा जाता है। इसी बढ़ती चुनौती के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य फार्मेसी काउंसिल की ओर से आगामी 16 नवंबर को बिलासपुर में एक राज्य स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन में प्रदेशभर के 36 फार्मेसी कॉलेजों से लगभग 1400 विद्यार्थी, शिक्षक और अन्य प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।

25 सितंबर से चल रही है जागरूकता मुहिम

हिमाचल प्रदेश राज्य फार्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष गोपाल शर्मा ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को एंटीबायोटिक दवाओं के सही इस्तेमाल और इनके अनावश्यक सेवन से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि 25 सितंबर से शुरू हुई इस मुहिम के तहत प्रदेश के 36 फार्मेसी कॉलेजों में करीब डेढ़ महीने तक विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागी अब 16 नवंबर को बिलासपुर में होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी करेंगे।

निकाली जाएगी विशाल जागरूकता रैली और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

कार्यक्रम के दौरान सुबह कॉलेज चौक से भाषा एवं संस्कृति विभाग के बहु-उद्देश्यीय सांस्कृतिक भवन तक एक भव्य जागरूकता रैली निकाली जाएगी। इस रैली में छात्र-छात्राएं हाथों में नारे, पोस्टर और तख्तियां लेकर लोगों को दवाओं के जिम्मेदारीपूर्ण इस्तेमाल का संदेश देंगे। इसके अलावा, नुक्कड़ नाटक, क्विज, पोस्टर और अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से आम जनता को एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस के गंभीर खतरों से अवगत कराया जाएगा।

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

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