Kangra News: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले स्थित इंदौरा क्षेत्र के अनन्य ने नीट परीक्षा पास कर ली है। उन्होंने कठिन परिश्रम और पक्के इरादे से मेडिकल सीट हासिल कर ली। अनन्य का बचपन से डॉक्टर बनने का सपना था। उनकी इस बड़ी उपलब्धि से पूरे गांव में खुशी का माहौल है।
अनन्य के पिता गगन सिंह शिक्षा विभाग में लेक्चरर हैं और माता गृहिणी हैं। पिता चाहते थे कि गणित अच्छा होने के कारण अनन्य इंजीनियरिंग क्षेत्र चुनें। लेकिन अनन्य ने डॉक्टर बनने की ठान ली थी। उन्होंने सिद्धिविनायक स्कूल और डीएवी बागनी से अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी की और नीट में सफलता पाई।
परीक्षा रद्द होने के बाद भी अनन्य ने हौसला नहीं खोया और री-नीट में बेहतरीन प्रदर्शन किया। काउंसलिंग के बाद अब उन्हें मेडिकल सीट मिल गई है। अनन्य ने कहा कि परीक्षा की तैयारी में बेसिक कॉन्सेप्ट मजबूत होना बेहद जरूरी है। उन्होंने अपनी सफलता का पूरा श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को दिया।
पिता गगन सिंह ने बताया कि बेटा पढ़ाई के साथ-साथ घर पर खेती-बाड़ी में भी हाथ बंटाता था। वह रात-रात भर जागकर पढ़ाई में जुटा रहता था। इसके साथ ही अनन्य संगीत के शौकीन हैं और बेहद शानदार हारमोनियम भी बजाते हैं। उनका पहला पड़ाव अब पूरी तरह पार हो गया है।
माता ने बताया कि अनन्य का स्वभाव शुरू से ही बेहद मेहनती रहा है। वह रोज स्कूल के काम का घर पर रिविजन करता था। उन्होंने कहा कि पहली परीक्षा रद्द होने के बाद भी बेटे ने हिम्मत रखी। सही मार्गदर्शन और निरंतर अभ्यास से बच्चों को सफलता जरूर मिलती है।