Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके में 16 साल की नाबालिग लड़की का अपहरण कर उसे बंधक बनाने और दरिंदगी का मामला सामने आया है. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी 70 वर्षीय बुजुर्ग और उसकी मदद करने वाले दो दंपतियों समेत सभी पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
पुलिस के अनुसार इस घटना की शुरुआत 24 जुलाई को हुई थी. पीड़िता की भाभी ने मोहनलालगंज थाने में अपनी ननद की गुमशुदगी और अपहरण की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में बताया गया था कि किशोरी 17 जुलाई से अचानक लापता है. परिजनों की जांच में गांव के ही दुर्गेश और उसकी पत्नी खुशबू पर फुसलाकर ले जाने का शक हुआ.
मदद का झांसा देकर होटल में बंधक बनाकर रखी किशोरी
जांच में सामने आया कि पीड़िता किसी तरह दुर्गेश और खुशबू के चंगुल से निकलकर भाग निकली थी. रास्ते में उसे राबिया और उसका पति विनोद रावत मिले. दोनों ने मदद का झांसा दिया और उसे बाइक से पीजीआई इलाके के एक होटल में ले गए. फिर राबिया ने अपने 70 वर्षीय परिचित द्वारिका रैदास को फोन करके होटल में बुला लिया.
आरोप के मुताबिक बुजुर्ग द्वारिका रैदास ने होटल के कमरे में नाबालिग को तीन दिनों तक बंधक बनाकर दुष्कर्म किया. इस दौरान दोनों आरोपी जोड़े (दुर्गेश-खुशबू और विनोद-राबिया) कमरे के बाहर पहरा देते रहे. वे इस पूरी घिनौनी साजिश को अंजाम देने और आरोपी की मदद करने में लगातार शामिल रहे.
पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई और आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास
घटना की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी साउथ मो. मुश्ताक के निर्देशन में कई पुलिस टीमों का गठन किया गया. सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने किसान पथ के पास स्थित पूरनपुर गांव की घेराबंदी की. वहां से मुख्य आरोपी द्वारिका रैदास, दुर्गेश, खुशबू, विनोद रावत और राबिया को गिरफ्तार कर लिया गया.
डीसीपी साउथ ने बताया कि यह वारदात पूरी योजना के तहत अंजाम दी गई थी. पुलिस रिकॉर्ड से खुलासा हुआ है कि 70 वर्षीय मुख्य आरोपी द्वारिका और दुर्गेश का पहले भी आपराधिक इतिहास रहा है. पुलिस उनके पुराने मुकदमों की फाइलें खंगाल रही है ताकि अदालत में आरोपियों के खिलाफ सख्त पैरवी की जा सके.
