Delhi News: दिल्ली की एक अदालत ने वर्ष 2018 के मानहानि मामले में यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। यह मामला मई 2018 के एक वीडियो से जुड़ा है, जिसमें कथित तौर पर दावा किया गया था कि बीजेपी आईटी सेल ने उन्हें बदनाम करने के लिए रिश्वत की पेशकश की थी।
राठी के इस वीडियो को तत्कालीन दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रीट्वीट किया था। इसके बाद शिकायतकर्ता विकास संकृत्यायन (विकास पांडे) ने दोनों के खिलाफ मानहानि केस दर्ज कराया। साकेत कोर्ट के न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल जैन ने पूर्व में राठी के नाम नए समन जारी करने का आदेश दिया था।
समन तामील न होने पर कोर्ट का सख्त रुख
शिकायतकर्ता के वकील समक्ष शर्मा ने अदालत को बताया कि राठी ज्यादातर विदेश में रहते हैं, जिस कारण लंबे समय तक समन नहीं पहुंच सका। हालांकि अब वे भारत में हैं और हरियाणा के गुरुग्राम में रह रहे हैं। अदालत ने संज्ञान लिया कि 2019 से लगातार समन भेजने की कोशिशें की जा रही थीं।
कोर्ट ने शिकायतकर्ता को प्रोसेस सर्वर के साथ जाने की अनुमति देते हुए दो दिन में प्रोसेस फीस जमा करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख तय कर दी है। दूसरी तरफ ध्रुव राठी साकेत कोर्ट में एक अन्य कानूनी विवाद में भी घिरे हुए हैं।
धार्मिक भावनाएं आहत करने का दूसरा मुकदमा दर्ज
राठी पर एक अन्य वीडियो को लेकर भी मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया गया है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि वीडियो में भगवान राम और माता सीता के वनवास काल को लेकर आपत्तिजनक दावे किए गए, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। उन्होंने अदालत से वीडियो के दोबारा प्रसारण पर रोक लगाने की मांग की है।
