Delhi News: भारत में यूपीआई (UPI) का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों लोगों के लिए राहत भरी खबर है। यूपीआई पेमेंट पर एमडीआर (MDR) लगने की अटकलों के बीच फोनपे के सीईओ समीर निगम ने स्थिति साफ कर दी है। उन्होंने कहा कि आम उपभोक्ताओं के लिए यूपीआई सेवाएं पूरी तरह निशुल्क रहेंगी।
2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा ट्रांजैक्शन पर चर्चा
दरअसल, सरकार की ओर से डिजिटल पेमेंट नियमों में बदलाव के प्रस्ताव के बाद भ्रम की स्थिति बनी थी। प्रस्ताव के तहत 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा बिजनेस यूपीआई ट्रांजैक्शन पर 0.25 से 0.4 प्रतिशत एमडीआर लगाने की चर्चा है। हालांकि, यह चार्ज आम ग्राहकों से नहीं बल्कि दुकानदारों से लिया जाएगा।
छोटे व्यापारियों और किराना दुकानों को मिलेगी छूट
पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) ने भी इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण दिया है। संस्था ने साफ किया है कि छोटे दुकानदारों और किराना स्टोर्स पर यह एमडीआर नियम लागू नहीं होगा। एमडीआर केवल बड़े व्यापारियों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स के बीच की एक व्यावसायिक व्यवस्था होगी, जिससे आम यूजर प्रभावित नहीं होंगे।
जानिए आखिर क्या होता है मर्चेंट डिस्काउंट रेट
एमडीआर वह शुल्क होता है जो व्यापारी डिजिटल भुगतान स्वीकार करने के बदले बैंक और पेमेंट कंपनियों को देते हैं। साल 2016 में लॉन्च होने के बाद से यूपीआई पर कोई एमडीआर नहीं था। अब नेटवर्क के बढ़ते परिचालन खर्च और साइबर सुरक्षा में निवेश को बनाए रखने के लिए बड़े ट्रांजैक्शन से राजस्व जुटाने की योजना है।
पी2पी ट्रांसफर और रोजमर्रा के भुगतान रहेंगे मुफ्त
प्रस्तावित व्यवस्था में दोस्तों या रिश्तेदारों को पैसे भेजने (P2P) पर कोई चार्ज नहीं लगेगा। इसके अलावा सब्जी, दूध और किराना जैसे 2,000 रुपये से कम के रोजाना के छोटे भुगतान पूरी तरह से शुल्क-मुक्त रहेंगे। अंतिम नियम और छूट की विस्तृत सीमा सरकार की आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी।
