Shimla News: दिवाली से पहले सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) में 5 प्रतिशत बढ़ोतरी का ऐलान किया है। इससे डीए 50 प्रतिशत हो जाएगा। साथ ही चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों और पेंशनरों को 10-10 हजार रुपये की राशि दी जाएगी।
दिवाली पर्व से ठीक पहले हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला में आयोजित प्रेसवार्ता में महंगाई भत्ते (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की। इस निर्णय के लागू होने के बाद कर्मचारियों का कुल डीए 45 प्रतिशत से बढ़कर 50 प्रतिशत पर पहुंच जाएगा। इसके अतिरिक्त, चतुर्थ श्रेणी (क्लास फोर) कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 10-10 हजार रुपये की राशि देने का भी निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री के इस ऐलान के बाद वित्त विभाग की ओर से औपचारिक अधिसूचना जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
नवंबर के वेतन और पेंशन के साथ मिलेगा बढ़ा हुआ लाभ
राज्य सरकार द्वारा लिए गए फैसले के मुताबिक बढ़े हुए डीए और डीआर का आर्थिक लाभ अक्टूबर 2026 के वेतन और पेंशन के साथ नवंबर में प्रदान किया जाएगा। इससे त्योहारी सीजन के दौरान कर्मचारियों और पेंशनरों की जेब में अतिरिक्त धनराशि पहुंचेगी।
घोषणा के तहत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 10 हजार रुपये का एरियर और पेंशनरों को भी 10-10 हजार रुपये की वित्तीय राशि जारी की जाएगी। वहीं, जुलाई 2023 से सितंबर 2026 तक के बकाया डीए और डीआर के भुगतान को लेकर राज्य सरकार जल्द ही अलग से विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगी। बकाया राशि के भुगतान के तौर-तरीकों की जानकारी विभागीय आदेश आने के बाद स्पष्ट होगी।
2030 तक स्वास्थ्य क्षेत्र में देश में अव्वल बनने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने प्रेस वार्ता के दौरान सरकार द्वारा प्रशासनिक व जनहित के क्षेत्रों में उठाए गए कदमों का ब्यौरा रखा। उन्होंने कहा कि गंभीर वित्तीय चुनौतियों के बावजूद राज्य सरकार चुनावी वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कदम उठाए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के अस्पतालों में स्वास्थ्य कर्मियों की नई भर्तियां की जा रही हैं, अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं और रोबोटिक सर्जरी जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं धरातल पर उतारी जा रही हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि इन सुधारों के दम पर वर्ष 2030 तक हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में देश का अग्रणी राज्य बनेगा।
राजस्व घाटा अनुदान बंद होने से बढ़ीं वित्तीय चुनौतियां
प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर बात रखते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार से मिलने वाली राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) की राशि बंद होने के कारण राज्य पर वित्तीय दबाव काफी बढ़ गया है। इन प्रतिकूल परिस्थितियों से निपटने और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए सरकार को कड़े कदम उठाने पड़े हैं, जिसके अंतर्गत पूर्व में पांच दिनों के लिए कोषागार (ट्रेजरी) बंद करने जैसा फैसला भी शामिल रहा।