अग्निवीर भर्ती योजना बंद करने की मांग, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू प्रधानमंत्री को लिखेंगे पत्र

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Shimla News: हिमाचल प्रदेश के पूर्व सैनिकों ने सेना में अग्निवीर भर्ती योजना को बंद कर पुरानी स्थायी व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह मुद्दा उठा, जिसके बाद सीएम ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखने का आश्वासन दिया।

भूतपूर्व सैनिक कल्याण बोर्ड की बैठक में कुल्लू के पूर्व सैनिक शिवदयाल सिंह ने कहा कि 4 साल की सेवा के बाद युवाओं को नौकरी से निकाल दिया जाता है। उन्हें न पेंशन मिलती है और न ही नियमित सैनिकों जैसी सुविधाएं। इससे युवाओं का भविष्य असुरक्षित हो गया है।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि अग्निपथ योजना से हिमाचल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। कांगड़ा, बिलासपुर, ऊना और हमीरपुर जैसे सैनिक बहुल जिलों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है। भर्ती कोटा कम होने से युवाओं में निराशा है। चार परमवीर चक्र विजेताओं की धरती के साथ यह अन्याय है।

युवाओं के रोजगार पर बात करते हुए सीएम ने बताया कि राज्य सरकार ने पुलिस में 1,300 कांस्टेबलों की भर्ती की है और जल्द 1,000 और पद भरे जाएंगे। सरकार प्राकृतिक खेती के उत्पादों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य दे रही है और दूध के दाम भी बढ़ाए गए हैं।

सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल डॉ. धनी राम शांडिल ने कहा कि पूर्व सैनिक राज्य की अनमोल धरोहर हैं। सरकार उनकी कल्याणकारी योजनाओं को पारदर्शी तरीके से लागू कर रही है। बैठक में भूतपूर्व सैनिक कल्याण निगम के चेयरमैन कर्नल मनीष कुमार, मुख्य सचिव केके पंत और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

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