महात्मा गांधी से सोनम वांगचुक तक: जानिए भारत में अनशन का इतिहास और बापू के 21 दिनों के सबसे लंबे उपवास की कहानी

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Delhi News: सीजेपी सदस्यों और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के बीच हुई वार्ता के बाद अभिजीत दीपके और तीन छात्रों ने अनशन समाप्त कर दिया है। वहीं, सोनम वांगचुक का अनशन 23वें दिन भी जारी है। भारत में राजनीतिक और सामाजिक मांगों के लिए अनशन की शुरुआत महात्मा गांधी ने की थी।

दक्षिण अफ्रीका से लौटने के बाद बापू ने 1948 तक करीब 30 बार अनशन किए। उनका सबसे लंबा अनशन 21 दिनों का था। 1943 में आगा खान पैलेस में भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान वायसराय लिनलिथगो द्वारा हिंसा का आरोप लगाए जाने के विरोध में 73 वर्ष की उम्र में उन्होंने यह उपवास रखा था।

अंग्रेजों ने कर ली थी बापू के अंतिम संस्कार की तैयारी

21 दिनों के इस अनशन के दौरान गांधी जी की स्थिति अत्यंत नाजुक हो गई थी। डॉक्टरों के अनुसार उनका बचना कठिन लग रहा था। अंग्रेजों को लग रहा था कि गांधी जी नहीं बचेंगे, इसलिए उन्होंने उनके अंतिम संस्कार के लिए चंदन की लकड़ी तक मंगवा ली थी और सुरक्षा अलर्ट जारी किया था।

देश के इतिहास में अन्य प्रमुख भूख हड़तालें भी दर्ज हैं। स्वतंत्रता सेनानी जतींद्र नाथ दास का 63 दिनों के अनशन के बाद निधन हो गया था। अलग आंध्र प्रदेश की मांग के लिए श्रीरामलू पोट्टी ने 56 दिन और गंगा की स्वच्छता के लिए जीडी अग्रवाल ने 111 दिन अनशन कर अपने प्राण न्योछावर किए थे।

Desh Raj
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