New Delhi News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत को आजादी के बाद पुरानी कार्यशैली और सीमित सोच के कारण कई सालों तक रुकावटों का सामना करना पड़ा। हालांकि, पिछले 12 सालों में 140 करोड़ नागरिकों के पक्के संकल्प से देश ने विकास की नई रफ्तार पकड़ी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सुधार सरकार के लिए मजबूरी नहीं, बल्कि एक दृढ़ संकल्प है। जब दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश विकसित राष्ट्र बनेगा, तब पूरी दुनिया का नजरिया बदल जाएगा। उन्होंने नागरिकों से बड़े सपने देखने और मजबूत इरादों के साथ आगे बढ़ने की अपील की, जिससे हर मुश्किल का समाधान निकाला जा सके।
ऊर्जा सुरक्षा और परमाणु तकनीक में आत्मनिर्भरता
प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि भारत ने 200 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा उत्पादन का बड़ा लक्ष्य तय किया है। इसके तहत पांच नए परमाणु रिएक्टर स्थापित किए जा रहे हैं। साथ ही देश ने फास्ट ब्रीडर न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी में महारत हासिल कर ली है, जो न्यूक्लियर फ्यूल के मामले में देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम कदम है।
ऊर्जा क्षेत्र की उपलब्धियां गिनाते हुए पीएम ने बताया कि पाइप्ड गैस अब 1.75 करोड़ घरों तक पहुंच चुकी है। इसके अलावा देश भर में 50 लाख से अधिक घर सौर ऊर्जा नेटवर्क से जुड़ चुके हैं। उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त परमाणु ऊर्जा संयंत्र लगाने और नए क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ने पर जोर दिया।
डिफेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स और रेलवे कोच निर्माण में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
विभिन्न क्षेत्रों में उत्पादन वृद्धि का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में डिफेंस प्रोडक्शन लगभग चार गुना और खादी-ग्रामोद्योग उत्पादन पांच गुना बढ़ा है। इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में सात गुना, आधुनिक रेलवे कोच निर्माण में 21 गुना और मोबाइल फोन निर्माण में 33 गुना की अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की गई है।