महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव नतीजों के बाद महायुति में रार, नीलेश राणे ने भाजपा प्रवक्ता नवनाथ बन को दी मर्यादा में रहने की नसीहत

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Mumbai News: महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में विपक्षी महाविकास आघाडी के हाथों मिली हार के बाद सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन में मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। शिवसेना नेता नीलेश राणे ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर टिप्पणी करने को लेकर भाजपा प्रवक्ता नवनाथ बन की कड़ी आलोचना की है और उन्हें अपनी सीमा में रहने की सलाह दी है।

महाराष्ट्र विधान परिषद के द्विवार्षिक चुनाव परिणाम सामने आने के बाद सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन में अंदरूनी खींचतान तेज हो गई है। कुडाल से शिवसेना विधायक नीलेश राणे ने शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर निशाना साधने वाले भाजपा प्रवक्ता नवनाथ बन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने भाजपा प्रवक्ता को अपनी राजनीतिक मर्यादा में रहकर बयानबाजी करने की सीधी नसीहत दी है।

नीलेश राणे ने भाजपा प्रवक्ता को चेताया

कुडाल विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले शिवसेना नेता नीलेश राणे ने भाजपा प्रवक्ता के बयानों पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “नवनाथ बन, शिंदे साहब के बारे में बोलते समय अपनी मर्यादा में रहें। आप अपनी हैसियत से बढ़कर बोल रहे हैं।” राणे के इस तीखे बयान के बाद गठबंधन के दोनों दलों के बीच बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है।

विधान परिषद चुनावों में महाविकास आघाडी की जीत से बढ़ा तनाव

महाराष्ट्र की सत्ता पर काबिज महायुति गठबंधन में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) शामिल हैं। हाल ही में संपन्न हुए विधान परिषद की पांच सीटों के द्विवार्षिक चुनाव में विपक्षी महाविकास आघाडी (MVA) ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की है।

इस चुनाव परिणाम में सबसे बड़ा झटका भाजपा को लगा, जब उसे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृह क्षेत्र नागपुर की स्नातक निर्वाचन सीट के साथ-साथ पुणे स्नातक सीट पर भी हार का सामना करना पड़ा।

नागपुर और पुणे की हार के बाद शुरू हुई जुबानी जंग

पुणे और नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में पार्टी को मिली शिकस्त के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के करीबी माने जाने वाले भाजपा प्रवक्ता नवनाथ बन ने खुले तौर पर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना की भूमिका पर सवाल खड़े किए थे। भाजपा प्रवक्ता की इसी सार्वजनिक आलोचना के बाद शिवसेना की ओर से जवाबी हमला किया गया, जिससे महायुति के घटक दलों के बीच तनाव और गहरा गया है।

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