Shimla News: पूर्व विधायक और भाजपा प्रवक्ता राजेंद्र राणा ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सत्ता पक्ष को लॉबिंग सरकार बताते हुए आरोप लगाया कि आंतरिक खींचतान ने व्यवस्था चौपट कर दी है। मुख्यमंत्री और मंत्री दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं, जिससे जनता की समस्याएं पूरी तरह हाशिए पर चली गई हैं।
कांग्रेस में मलाईदार विभागों और पद बचाने की होड़
भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस के भीतर अलग-अलग लॉबिंग सेल सक्रिय हो चुके हैं। हर नेता अपनी कुर्सी बचाने और मलाईदार विभाग पाने की जुगत में लगा है। पार्टी नेता सिर्फ मुख्यमंत्री बदलने, मंत्री पद पाने या अपनी जिम्मेदारी बचाने में व्यस्त हैं। व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर पुरानी व्यवस्था भी धराशायी कर दी गई।
राणा ने बुनियादी सुविधाओं की खस्ताहाली पर चिंता जताते हुए कहा कि पेयजल योजनाएं बेपटरी हो चुकी हैं और सड़कें बदहाल हैं। स्कूलों में शानदार इमारतें तो हैं, लेकिन पढ़ाने के लिए शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। वहीं अस्पतालों की हालत यह है कि जहां मशीनें हैं वहां विशेषज्ञ नहीं हैं और डॉक्टर मौजूद होने पर स्टाफ नदारद रहता है।
वित्तीय कुप्रबंधन से कर्ज के भारी बोझ में डूबा प्रदेश
पूर्व विधायक ने आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि गलत निर्णयों और वित्तीय कुप्रबंधन ने राज्य को कर्ज के भारी बोझ तले दबा दिया है। सरकार अब केंद्र से कर्ज सीमा बढ़ाने की गुहार लगा रही है। राज्य में नए विकास कार्य शुरू होना तो दूर, पुरानी योजनाओं का भी बंटाधार हो रहा है।
राजेंद्र राणा ने नसीहत देते हुए कहा कि कांग्रेस को कुर्सी बचाओ अभियान छोड़कर तुरंत हिमाचल बचाओ अभियान शुरू करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज योजनाएं बंद हैं, विकास ठप्प पड़ा है और केवल लॉबिंग जारी है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि चुनाव पूर्व दी गई गारंटियों और विकास के दावों का क्या हुआ।