Balochistan News: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में क्वेटा-कराची हाईवे के किनारे अलग-अलग स्थानों से छह अज्ञात शव बरामद हुए हैं। इस दर्दनाक घटना के बाद क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार को मस्तुंग इलाके में दो अलग-अलग जगहों से ये लावारिस लाशें मिलीं।
पहला शव डिप्टी कमिश्नर आवास के नजदीक से बरामद हुआ, जबकि अन्य पांच शव नेशनल हाईवे के दाथो मोड़ इलाके में पड़े मिले। दाथो मोड़ से मिले पांच शव कई घंटों तक सड़क किनारे लावारिस पड़े रहे। सिटी एसएचओ अब्दुल रऊफ बलोच की देखरेख में पुलिस ने शवों को अस्पताल भेजा।
यातना के निशान और हत्या की आशंका
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि एंबुलेंस समय पर न पहुंचने के कारण शवों को अस्पताल ले जाने में काफी देर हुई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, मृतकों की जान कई दिन पहले गई होगी। कुछ शवों पर चोट और गंभीर यातना के स्पष्ट निशान भी दिखाई देने की बात कही जा रही है।
स्थानीय लोगों को आशंका है कि इन नागरिकों की हत्या किसी दूसरी जगह करके शवों को हाईवे किनारे फेंका गया है। हालांकि पुलिस ने अभी तक मृतकों की सही पहचान, मौत की असल वजह और घटना की परिस्थितियों पर कोई अंतिम बयान नहीं दिया है। अस्पताल में कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।
बलूचिस्तान में ‘किल एंड डंप’ का पुराना विवाद
यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब बलूचिस्तान में लंबे समय से जबरन गुमशुदगी और कथित ‘किल एंड डंप’ को लेकर बहस जारी है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियां लोगों को गैरकानूनी हिरासत में रखकर मार देती हैं। हालांकि, पाकिस्तानी प्रशासन इन सभी गंभीर आरोपों को पूरी तरह नकारता रहा है।
मस्तुंग और आसपास के इलाकों में सुरक्षा की स्थिति पहले से ही बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है। यहां सरकारी ठिकानों और सुरक्षा बलों पर लगातार हमले की खबरें आती रही हैं। अधिकारी इन हमलों के लिए बलूच समूहों को जिम्मेदार मानते हैं। इस बीच शव मिलने से मानवाधिकारों को लेकर नई चिंताएं बढ़ गई हैं।