Muzaffarnagar News: मुज़फ़्फ़रनगर में महर्षि वाल्मीकि जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल और सपा नेता राकेश शर्मा के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। संबोधन के दौरान माइक छीनने की कोशिश का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। घटना शोभा यात्रा शुरू होने के दौरान घटी।
उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर जिले में सोमवार को महर्षि वाल्मीकि जयंती का आयोजन उस समय राजनीतिक विवाद में बदल गया, जब प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल और समाजवादी पार्टी के नेता राकेश शर्मा के बीच माइक को लेकर खींचतान हो गई। दोनों नेताओं के बीच सार्वजनिक मंच पर हुई इस नोकझोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है और चर्चा का विषय बना हुआ है।
वीडियो में राज्यमंत्री मंच से उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे हैं, तभी सपा नेता आगे बढ़कर माइक लेने का प्रयास करते दिखते हैं। हालांकि मंत्री ने माइक नहीं छोड़ा और दोनों पक्षों के बीच सीधे बहस शुरू हो गई।
शोभा यात्रा के शुभारंभ के दौरान हुआ विवाद
यह घटनाक्रम सोमवार दोपहर लगभग 3 से 4 बजे के बीच का बताया जा रहा है। शहर में वाल्मीकि जयंती के उपलक्ष्य में शोभा यात्रा के शुभारंभ का कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल माइक पर अपनी बात रख रहे थे। बताया जाता है कि उसी समय समाज के कुछ लोगों ने स्थानीय स्तर की किसी समस्या को लेकर शिकायत व्यक्त की।
इसी बीच सपा नेता राकेश शर्मा भी वहां पहुंचे और उन्होंने संबोधन के बीच ही माइक की ओर हाथ बढ़ाकर उसे लेने का प्रयास किया। मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने इसका कड़ा विरोध किया और अपनी बात जारी रखी, जिसके बाद कुछ देर के लिए मंच पर तनाव की स्थिति बन गई।
पूर्व विधायक समेत लोगों ने जताया विरोध
वायरल फुटेज के अनुसार, राज्यमंत्री ने सपा नेता के इस रवैये पर नाराजगी जताई। इस दौरान मौके पर मौजूद भारतीय जनता पार्टी के पूर्व पुरकाजी विधायक प्रमोद ऊंटवाल और अन्य लोगों ने सपा नेता के कदम पर आपत्ति दर्ज कराई।
मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने कहा, “शर्मा जी, आपकी ये बात अच्छी नहीं है। माहौल बिगाड़ने की कोशिश मत करो।” खींचतान के बावजूद माइक मंत्री के पास ही रहा और उन्होंने अपनी बात पूरी की। घटना के बाद स्थानीय राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर बहस शुरू हो गई है कि क्या यह समाज के मुद्दे उठाने का प्रयास था या सार्वजनिक मंच पर राजनीतिक प्रभाव दिखाने की कोशिश थी।