Hazaribagh News: हजारीबाग शहर के दिनकर नगर और सूर्यानगर में प्लॉट संख्या 874 की लगभग एक एकड़ गैरमजरूआ जमीन पर कब्जे और नाली बंद करने के आरोपों को लेकर विवाद गहरा गया है। स्थानीय लोगों ने उपायुक्त से शिकायत कर जांच की मांग की है। मामले में पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और सदर विधायक प्रदीप प्रसाद के बीच तीखा आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया है।
हजारीबाग शहर के दिनकर नगर और सूर्यानगर मोहल्ले के निकट प्लॉट संख्या 874 की करीब एक एकड़ भूमि पर कथित कब्जे, नगर निगम की नाली बंद करने और हरे-भरे पेड़ों को नुकसान पहुंचाने के आरोपों को लेकर विवाद बढ़ गया है। मोहल्लेवासियों ने उपायुक्त (डीसी) को लिखित आवेदन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और उचित प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की है। इससे पूर्व स्थानीय नागरिकों ने बड़ा बाजार थाने में भी आवेदन दिया था, जिसके आधार पर पूर्व मंत्री के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। अब इस प्रकरण ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है।
स्थानीय निवासियों द्वारा सौंपे गए शिकायत पत्र के अनुसार, दोनों मोहल्लों के दक्षिण दिशा में स्थित यह जमीन गैरमजरूआ खास श्रेणी की है। इसी क्षेत्र से होकर मोहल्ले के घरों का गंदा पानी नगर निगम द्वारा बनाई गई नाली के जरिए निकलता है।
जेसीबी से नाली बंद करने और निर्माण कार्य का आरोप
मोहल्लेवासियों का आरोप है कि बीते 14 अक्टूबर को जेसीबी मशीन लगाकर नगर निगम की नाली को बंद करने और जमीन पर निर्माण कार्य शुरू करने की कोशिश की गई थी। स्थानीय लोगों के कड़े विरोध के बाद मौके से मशीन हटाई गई।
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि इस घटनाक्रम के बाद पूर्व मंत्री योगेंद्र साव अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और अपने बेटे के विवाह समारोह का पंडाल लगाने की बात कही। हालांकि, संबंधित भूमि के आधिकारिक स्वामित्व और बंदोबस्ती की पुष्टि राजस्व अभिलेखों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पूर्व मंत्री और सदर विधायक के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज
जमीन विवाद को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पूर्व मंत्री के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि शहर की जनता किसी भी सार्वजनिक या गैरमजरूआ जमीन पर अवैध कब्जे के प्रयास को सहन नहीं करेगी। वहीं वार्ड पार्षद विकास यादव ने बताया कि इस भूमि को जनहित और सार्वजनिक उपयोग में लाने के उद्देश्य से नगर निगम में प्रस्ताव पारित कराया गया है। उन्होंने पूर्व मंत्री पर जमीन कब्जाने का आरोप लगाया।
इन आरोपों पर पलटवार करते हुए पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने सदर विधायक पर जाली हुकुमनामे के जरिए वन भूमि की खरीद-बिक्री में संलिप्त रहने का आरोप लगाया है। प्रशासनिक स्तर पर दोनों पक्षों के इन दावों और आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले में राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन की जांच जारी है।