Dhaka News: बांग्लादेश वायुसेना के पूर्व अधिकारी तहसिफ सौरी का शव तुराग नदी से मिलने के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस मामले में पुलिस ने उनके करीबी दोस्त अहमद शाहरियार रजा द्विप को गिरफ्तार कर चार दिन की रिमांड पर लिया है। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है, जबकि वायुसेना द्वारा पूर्व में की गई उनकी बर्खास्तगी और प्रतिबंधों पर भी सवाल उठ रहे हैं।
बांग्लादेश में वायुसेना के पूर्व अधिकारी तहसिफ सौरी की संदिग्ध मौत ने सुरक्षा और प्रशासनिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। 28 अक्टूबर को ढाका के बाहरी इलाके में तुराग नदी से उनका शव बरामद किया गया था। परिजनों का आरोप है कि उनकी हत्या कर शव को नदी में फेंका गया है। इस घटनाक्रम के बाद पुलिस ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (PBI) और नदी पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए उनके दोस्त और कारोबारी सहयोगी अहमद शाहरियार रजा द्विप को गिरफ्तार किया है, जिसे अदालत ने चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
घर से निकलने के बाद लापता हुए, नदी में मिला शव
परिजनों के अनुसार, तहसिफ सौरी 27 अक्टूबर की शाम करीब सवा छह बजे उत्तरा स्थित अपने आवास से निकले थे। उनके दोस्त द्विप ने उन्हें फोन कर नीचे बुलाया था। सौरी ने अपनी मां को बताया था कि वह थोड़ी देर में बात करके लौट आएंगे। देर रात करीब 1:35 बजे उन्होंने मैसेंजर पर एक वॉयस संदेश भेजकर बताया कि वह रास्ते में हैं, लेकिन स्थान की जानकारी नहीं दी। इसके बाद उनसे संपर्क टूट गया।
अगले दिन पुलिस ने सूचना दी कि राजबाड़ी घाट इलाके के पास तुराग नदी से उनका शव बरामद हुआ है। सौरी के पिता एनेयेतुल करीम ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया है। उन्होंने बताया कि सौरी एक प्रशिक्षित तैराक थे, ऐसे में नदी में डूबने का दावा गले नहीं उतरता। उनका कहना है कि एक कमीशंड अधिकारी किसी खतरे से घबराकर भागने वाला व्यक्ति नहीं था।
सीसीटीवी फुटेज और गिरफ्तारी के बाद साजिश का अंदेशा
जांच के दौरान ढाका और आसपास के चार स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए हैं। फुटेज से संकेत मिले हैं कि सौरी अपने परिचित के साथ थे और उनका पीछा किया गया था। रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें सुनसान नदी किनारे ले जाकर कथित तौर पर डुबोया गया। सीसीटीवी में दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान द्विप के रूप में हुई, जिसे 31 अक्टूबर को गिरफ्तार कर लिया गया। अब जांच एजेंसी इस पहलू पर पड़ताल कर रही है कि क्या द्विप ने अकेले इस वारदात को अंजाम दिया या इसके पीछे कोई गहरी साजिश थी।
शेख हसीना के वीडियो और बर्खास्तगी से जुड़े सवाल
इस मामले में एक अन्य चर्चा 5 अगस्त 2024 के उस वीडियो को लेकर भी है, जो तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के देश छोड़ने की तैयारियों से जुड़ा बताया जाता है। रिपोर्टों के अनुसार, सौरी उन लोगों में शामिल थे जिन्होंने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया था। दावा किया जाता है कि यह वीडियो कुरमिटोला एयरबेस से फ्लाइट लेफ्टिनेंट रिफात अशरफी ने बनाया था, जिन्हें 14 अगस्त 2024 को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। हालांकि, इस वीडियो और सौरी की हत्या के बीच किसी सीधे संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इसके अलावा, नॉर्थईस्ट न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार सौरी को अगस्त 2024 में अनैतिक आचरण के आधार पर वायुसेना से बर्खास्त किया गया था। इसके बाद 24 सितंबर को एयर कमोडोर सैयद फखरुद्दीन मसूद के हस्ताक्षर वाले एक गोपनीय दस्तावेज के जरिए उन्हें सेना, नौसेना और वायुसेना के कई प्रतिष्ठानों में जाने से रोकने के लिए ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
एयरफोर्स की प्रक्रिया पर उठे थे सवाल
सौरी ने अपनी मौत से पहले एक वीडियो पॉडकास्ट में अपनी बर्खास्तगी को लेकर असंतोष व्यक्त किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि तत्कालीन एयर इंटेलिजेंस निदेशक ने उन पर इस्तीफे के पत्र पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया था। उन्होंने यह भी दावा किया था कि उन्होंने मामले में कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी या कोर्ट मार्शल की मांग की थी, लेकिन वह प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट की विस्तृत जानकारियां अभी तक सार्वजनिक नहीं होने के कारण मौत के वास्तविक कारणों को लेकर कई सवाल अब भी अनसुलझे बने हुए हैं।