Sirmaur News: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में कफोटा के पास तिलोरधार खदान में भारी भूस्खलन हुआ। मलबे में दबने से टिपर चालक अनिल कुमार की मौत हो गई। रेस्क्यू टीम ने बुधवार को उनका शव बाहर निकाला। हादसे में लापता दो अन्य नेपाली मजदूरों की तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार चल रहा है।
तिलोरधार में मंगलवार दोपहर बाद पत्थरों से लदा वाहन बाहर निकल रहा था। तभी अचानक पहाड़ी से भारी मलबा और बड़ी चट्टानें नीचे गिर गईं। इस हादसे की चपेट में दो वाहन और एक एलएनटी मशीन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। चालक समेत तीन लोग मलबे के नीचे दब गए।
बारिश रुकते ही एनडीआरएफ, स्थानीय पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर राहत कार्य तेज किया। टीम ने मलबे में दबे ट्रक के साथ चालक का शव बरामद कर लिया। डीसी प्रियंका वर्मा और एसडीएम जसपाल मौके पर डटे हैं। डीसी ने बताया कि लापता लोगों के मिलने तक सर्च अभियान जारी रहेगा।
जिला खनन अधिकारी सरित चंद ने बताया कि बरसात में चूना पत्थर खदानों में खनन का काम पूरी तरह बंद नहीं रहता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुर्घटना के असली कारणों की पूरी जांच केंद्रीय एजेंसियां करेंगी। प्रशासन की टीमें मौके पर लगातार स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।
पूर्व विधायक बलदेव सिंह तोमर ने बरसात में खनन की अनुमति देने पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि मजदूरों की सुरक्षा को नजरअंदाज क्यों किया गया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग उठाई है ताकि न्याय मिल सके।
समाजसेवी नाथूराम चौहान ने बारिश में रोक के बावजूद जिले में अवैध खनन जारी रहने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग अवैध गतिविधियों को रोकने में नाकाम रहे हैं। यदि इस पर तुरंत सख्त रोक नहीं लगी, तो वे मामले को एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट ले जाएंगे।