मंडी के ख्योड़ नलवाड़ मेले पर हाईकोर्ट के आदेशों की अनदेखी का आरोप, सियासी घमासान के बीच उठे कई बड़े सवाल

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Mandi News: मंडी जिले का प्रतिष्ठित जिला स्तरीय नलवाड़ मेला ख्योड़-2026 इस समय प्रशासनिक पचड़ों और अदालती आदेशों के कारण चर्चा में है। शिक्षण संस्थान के प्रांगण में आयोजन को लेकर गंभीर कानूनी सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं इस पूरे मामले ने नाचन क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मियों को भी तेज कर दिया है।

हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान परिसर में गैर-शैक्षणिक या व्यावसायिक आयोजन नहीं हो सकते। इसके बावजूद बासा कॉलेज और प्राथमिक स्कूल डुगराईं के मैदान में बिना कोर्ट की मंजूरी के दुकानें सजाई गई हैं। इस बाबत उच्च न्यायालय में एक शिकायत याचिका भी दायर की जा चुकी है।

इस आयोजन से कॉलेज के करीब एक हजार विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। इससे पहले एक सितंबर को लंबाथाच कॉलेज से जुड़ी ऐसी ही एक अर्जी खारिज हो चुकी थी। 17 से 24 सितंबर तक चलने वाले इस मेले को लेकर अब कानूनी कार्रवाई की तलवार लटक रही है।

प्रदेश में सत्तारूढ़ दल की मौजूदगी के बीच मेले का औपचारिक शुभारंभ 17 सितंबर को स्थानीय भाजपा विधायक विनोद कुमार ने किया। इसके बाद 19 सितंबर को कांग्रेस एससी विभाग के प्रदेशाध्यक्ष नरेश चौहान से प्रदर्शनी का उद्घाटन कराया गया। इस पूरे घटनाक्रम ने कांग्रेस संगठन के भीतर की गुटबाजी को सार्वजनिक कर दिया है।

नरेश चौहान ने समापन समारोह में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के आने का दावा किया है। हालांकि समिति ने उनके नाम का आमंत्रण पत्र तक तैयार नहीं किया है। कानूनी जानकारों का मानना है कि विवादित स्थल पर उपमुख्यमंत्री का जाना मुश्किल है, क्योंकि प्रशासन और खुफिया एजेंसियां ऐसे आयोजनों से दूरी की सलाह देती हैं।

मैदान पर दुकानें सज चुकी हैं और व्यापारिक गतिविधियां जोरों पर हैं, लेकिन कानूनी पेचीदगियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। शिक्षण संस्थान में मेले के आयोजन को लेकर अब सभी की नजरें प्रशासन और अदालत के अगले कदम पर टिकी हैं। यह देखना अहम होगा कि कानून का पालन होता है या राजनीति आगे रहती है।

Right News Desk
Right News Desk
लॉ और पत्रकारिता स्नातक, पत्रकारिता में 11 वर्ष का अनुभव

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