Delhi News: नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने मंगलवार को कहा कि सरकार और विमानन नियामक डीजीसीए स्पाइसजेट की वित्तीय और परिचालन स्थिति पर लगातार करीबी नजर रखे हुए हैं। एयरलाइन वर्तमान में घटते विमान बेड़े, वित्तीय दबाव और बाजार हिस्सेदारी में कमी जैसी कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है।
यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं: विमानन मंत्री
मंत्री नायडू ने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। डीजीसीए को एयरलाइन के संचालन और वित्तीय स्थिति की नियमित समीक्षा का जिम्मा दिया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक तंगी के चलते विमानन सुरक्षा मानकों के साथ किसी भी स्तर पर कोई समझौता न हो।
उन्होंने बताया कि नियामक स्पाइसजेट के प्रदर्शन पर लगातार नजर रखे हुए है और प्रबंधन के साथ नियमित संवाद जारी है। सरकार एयरलाइन के साथ लगातार चर्चा कर रही है ताकि वह अपने कारोबार को स्थिर कर सके। साथ ही उसे अपनी परिचालन क्षमता तेजी से बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
हब-एंड-स्पोक उड़ानों की सुरक्षा कड़ी, एअर इंडिया पर कार्रवाई
मंत्री ने बताया कि हब-एंड-स्पोक मॉडल के तहत उड़ानों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा कर उसे काफी मजबूत किया गया है। दिल्ली हवाई अड्डे पर चार सितंबर को हुई सुरक्षा चूक के बाद एअर इंडिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और संबंधित जिम्मेदार कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।
इस घटना में अमृतसर से दिल्ली पहुंचे तीन इतालवी यात्री बिना इमिग्रेशन जांच के ही म्यूनिख की उड़ान में सवार हो गए थे। इस मॉडल के तहत यात्री अपने मूल हवाई अड्डे पर ही इमिग्रेशन और कस्टम प्रक्रिया पूरी करते हैं। यह व्यवस्था वर्तमान में अमृतसर, अहमदाबाद और वाराणसी हवाई अड्डों पर शुरू की गई है।