Mumbai News: टाटा समूह से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है। वे फरवरी 2027 तक अपना वर्तमान कार्यकाल पूरा करेंगे। हालांकि, इसके बाद वे इस पद पर दोबारा नियुक्ति की मांग नहीं करेंगे।
टाटा ट्रस्ट्स के साथ मतभेदों के बाद लिया फैसला
कंपनी के भीतर लंबे समय से जारी मतभेदों के बाद यह फैसला आया है। टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति का विरोध किया था। इसके चलते फरवरी में उनकी पुनर्नियुक्ति पर फैसला टाल दिया गया था। दोनों पक्षों में कारोबारी रणनीति को लेकर खींचतान चल रही थी।
1987 से टाटा समूह से जुड़े हैं चंद्रशेखरन
एन चंद्रशेखरन ने 1987 में टाटा समूह के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। वे 2009 में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बने थे। इसके बाद साल 2017 में उन्हें टाटा संस की कमान सौंपी गई थी। आगामी वार्षिक साधारण सभा से पहले उन्होंने सहयोगियों से यह चर्चा की।
इन प्रमुख मुद्दों पर सामने आए थे गहरे मतभेद
टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स के बीच कई अहम मुद्दों पर असहमति बनी हुई थी। इनमें बोर्ड में प्रतिनिधित्व, व्यावसायिक रणनीतियां और शापूरजी पालोनजी समूह की हिस्सेदारी से बाहर निकलने जैसे विषय शामिल थे। नोएल टाटा ने कर्ज सीमित करने और कंपनी की सार्वजनिक लिस्टिंग से बचने का आश्वासन मांगा था।
रतन टाटा ट्रस्ट के ट्रस्टी विजय सिंह का इस्तीफा
समूह के भीतर चल रही इस हलचल के बीच सर रतन टाटा ट्रस्ट के ट्रस्टी विजय सिंह ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका कार्यकाल समाप्त होने वाला था। उन्होंने ट्रस्ट को स्पष्ट कर दिया है कि वे अब दोबारा इस पद के लिए अपनी दावेदारी पेश नहीं करेंगे।