Home मुख्य समाचार 1990 से 2020... कश्मीरी पंडितों के लिए तो कुछ नहीं बदला

1990 से 2020… कश्मीरी पंडितों के लिए तो कुछ नहीं बदला

[

कश्मीरी पंडितों के लिए पिछले 30 सालों में शायद बहुत कुछ नहीं बदला है। 1989-90 में इस्लामी चरमपंथ के उभार से उन्हें अपना घरबार छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा था। तीन दशक बीत जाने के बाद भी केंद्र और राज्य सरकारें कश्मीरी हिन्दुओं की घर वापसी सुनिश्चित नहीं कर पाई है। अजय पंडिता की हत्या से एक बार फिर उनकी घर वापसी के मुद्दे पर बहस तेज हुई है।

Edited By Dil Prakash | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

कश्मीरी पंडित (फाइल फोटो)
हाइलाइट्स

  • 1989-90 में जम्मू-कश्मीर में इस्लामी चरमपंथ के उभार से उन्हें अपना घरबार छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा था
  • जम्मू के आसपास के इलाकों और देश के दूसरे हिस्सों में बने शरणार्थी शिविरों में आश्रय लिया
  • विस्थापित परिवारों के लिए राज्यों और केंद्र सरकार के दिए तरह-तरह के पैकेज
  • लेकिन तीन दशक बाद भी नहीं हो पाई कश्मीरी पंडितों की घर वापसी

नई दिल्ली

कश्मीरी पंडितों के लिए पिछले 30 सालों में शायद बहुत कुछ नहीं बदला है। 1989-90 में जम्मू-कश्मीर में इस्लामी चरमपंथ के उभार से उन्हें अपना घरबार छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा था। पिछले साल अनुच्छेद 370 और 35ए के हटने के बाद कश्मीरी पंडितों की घर वापसी की उम्मीद बंधी थी। लेकिन कश्मीर में जिस तरह उन्हें चुनचुनकर निशाना बनाया जा रहा है, उससे लगता नहीं है कि कश्मीरी पंडितों की घर वापसी हाल फिलहाल संभव हो पाएगी।

खौफ में कश्मीरी पंडित

सोमवार को 40 साल के अजय पंडिता की आंतकवादियों ने अनंतनाग जिले में उनके गांव में हत्या कर दी थी। अजय पंडिता की हत्या से कश्मीरी पंडित सरपंच खौफ में हैं और उन्होंने अपने लिए सुरक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि अगर सरकार ने उन्हें सुरक्षा नहीं दी तो वे अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। ऑल जम्मू एंड कश्मीर पंचायती कॉन्फ्रेस के अध्यक्ष अनिल शर्मा का कहना है कि सरकार को इन सरपंचों को सुरक्षा देनी चाहिए।

सरपंच विजय रैना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मदद की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि वह सरपंच होने का साथ ही कुलगाम जिले के भाजपा प्रवक्ता भी हैं। उन्होंने ट्वीट किया, मेरे दोस्त अजय पंडिता मारे जा चुके हैं। अगला नंबर मेरा हो सकता है। इस बारे में मैंने प्रशासन और पार्टी आलाकमान से बार-बार अनुरोध किया लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया है। अब आप ही हमारी मदद कीजिए।

कश्मीरी पंडितों का पलायन

सैकड़ों वर्षों तक कश्मीरी मुस्लिमों के साथ-साथ रहने वाले पंडितों को राज्य में आतंकी घटनाओं के बढऩे के कारण 1989-90 में जान बचाने के लिए राज्य छोड़कर भागना पड़ा था। राज्य में आतंकवादियों की घुसपैठ बढऩे से लोगों की हत्या की घटनाओं और हमलों में काफी तेजी आई थी, जिसके कारण उन्हें वहां से पलायन करने पर मजबूर होना पड़ा था। राज्य से कश्मीरी पंडितों का पलायन 1947 में देश की आजादी के बाद होने वाले सबसे बड़े पलायनों की घटना में से एक था। उन्होंने जम्मू के आसपास के इलाकों और देश के दूसरे हिस्सों में बने शरणार्थी शिविरों में आश्रय लिया। कुछ हिंदुओं नें 1990 में घर नहीं छोड़ने का फैसला किया था। 1997, 1998 और 2003 में फिर हिंदुओं का नरसंहार हुआ था।

मोदी सरकार की योजना

विस्थापित परिवारों के लिए तमाम राज्य सरकारें और केंद्र सरकार तरह-तरह के पैकेज निकालती रहती हैं। कभी घर देने की बात करते हैं तो कभी पैसा। पर इन 30 सालों में इक्का दुक्का परिवार ही कश्मीर लौटे हैं। हालांकि नरेंद्र मोदी की सरकार ने 2015 में कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास के लिए 2 हजार करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की थी। मोदी सरकार घाटी में एक बार फिर हिंदुओं की वापसी के लिए काम कर रही है। केंद्र सरकार मुस्लिम बहुल कश्मीर घाटी में हिंदुओं को फिर से बसाने के लिए सुरक्षित छावनी बनाने की योजना बना रही है। भाजपा का कहना है कि वह 2-3 लाख हिंदुओं को राज्य में वापस बसाने के लिए प्रतिबद्घ है। लेकिन उनके लिए अलग शहर बसाने का व्यापक विरोध हो रहा है। अलगाववादियों से लेकर कश्मीरी पंडित नेता तक इसके खिलाफ हैं। पंडित समुदाय में एक वर्ग का मानना है कि भारी सुरक्षा के बीच अलग से एक पुनर्वास कॉलोनी बनाने का विचार अव्यावहारिक है। हर पल सुरक्षा बलों से घिरे स्थान पर रहना मुमकिन नहीं होगा।

नया मूल निवास कानून

पिछले साल केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 और 35-A को हटा दिया था और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया था। जम्मू-कश्मीर में पहले डोमिसाइल का प्रावधान नहीं था लेकिन अनुच्छेद 370 और 35ए हटने के बाद सरकार ने इस बारे में नया कानून बनाया है। इसके मुताबिक जम्मू-कश्मीर में 15 साल तक रहने वाला कोई भी व्यक्ति अब राज्य का निवासी माना जाएगा। इससे विस्थापित कश्मीरी पंडित परिवारों की घर वापसी के सवाल पर एक गंभीर बहस छिड़ी हुई है। लेकिन कश्मीरी पंडितों को लगता है कि अभी कश्मीर में उनकी घर वापसी संभव नहीं है और न ही कश्मीर के हालात इतने सुधरे हैं कि वो अपने परिवार के सदस्यों के साथ वहां आ कर बस जाएं।

फिर से घर वापसी की मांग

अजय पंडिता की हत्या के बाद एक बार हिंदुओं को घाटी में बसाने की बहस शुरू हो गई है। अभिनेता अनुपम खेर और क्रिकेटर सुरेश रैना के बाद अभिनेत्री कंगना रनौत ने भी इस घटना पर रोष जताया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हिंदुओं को फिर से कश्मीर में वापस बसाने अपील की है। उन्होंने एक विडियो जारी कर मोदी से अपील की कि पंडितों को वापस कश्मीर भेजा जाए, उन्हें उनकी जमीन दी जाए, वहां हिन्दुत्व की फिर से स्थापना की जाए। उन्होंने कहा कि अजय पंडिता का बलिदान व्यर्थ नहीं जाना चाहिए।

Web Title much is not changed for kashmiri pundits(Hindi News from Navbharat Times , TIL Network)

रेकमेंडेड खबरें

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

लोकप्रिय

बीजेपी में हाशिये पर चल रहे वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे का दावा- मेरे पास ऐसे वीडियो और फोटो जो पब्लिक में आए तो मच जाएगा हंगामा

[हाइलाइट्स:महाराष्ट्र बीजेपी के बड़े नेता एकनाथ खडसे का फडणवीस पर हमले का सिलसिला जारीखडसे ने कहा कि फडणवीस की सरकार थी तब कई...

एस जयशंकर ने राहुल गांधी को दिया जवाब, कहा- अब हम बराबरी से बात करते हैं

[Edited By Vineet Tripathi | एजेंसियां | Updated: 17 Jul 2020, 11:34:00 PM IST नयी दिल्ली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी...

Special Train Ticket Booking: शुरू हुई 80 ट्रेनों में टिकट बुकिंग, जानिए नए नियमों के बारे में…

; t = b.createElement(e); t.async = !0; t.src = v; s = b.getElementsByTagName(e); s.parentNode.insertBefore(t, s) }(window, document, 'script', 'https://connect.facebook.net/en_US/fbevents.js'); fbq('init', '482038382136514'); fbq('track', 'PageView'); Source...

सुशांत राजपूत के परिवार ने की माफी की मांग, संजय राउत बोले इस पर करेंगे विचार

;t=b.createElement(e);t.async=!0;t.src=v;s=b.getElementsByTagName(e);s.parentNode.insertBefore(t,s)}(window,document,'script','https://connect.facebook.net/en_US/fbevents.js');fbq('init', '2442192816092061');fbq('track', 'PageView'); Source link

प्रियंका गांधी ने सचिन पायलट को राहुल और सोनिया गांधी से मिलवाने का दिया था ऑफर: सूत्र

[नई दिल्ली: सचिन पायलट लगातार खुद को राजस्थान का मुख्यमंत्री बनाने की मांग करते रहे और जब तक उनकी यह मांग मान नहीं...