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नेपाल की जिद से बिहार में बाढ़ का खतरा, CM नीतीश अफसरों से बात कर तलाशेंगे विकल्प

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गंडक बैराज के 36 द्वार हैं, जिनमें से 18 नेपाल में हैं। नेपाल के हिस्से में पड़ने वाले 18वें से लेकर 36वें फाटक तक बने बांध की मरम्मत नहीं हो सकी है। नेपाल बांध मरम्मत के लिए सामग्री ले जाने नहीं दे रहा है। इस पर चर्चा के लिए सीएम नीतीश आज बैठक करेंगे।

Edited By Abhishek Kumar | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

नेपाल पर चर्चा के लिए सीएम नीतीश करेंगे बैठक।

पटना

सीमा विवाद के बीच नेपाल ने भारत की ओर से किए जा रहे बांध मरम्मत के कार्य को रोक दिया है। बिहार के अफसरों की ओर से बातचीत की पेशकश को भी नेपाल ने ठुकरा दिया है और अपनी जिद पर अड़ा है। इस वजह से बिहार में 2017 की तरह बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। नेपाल की इस हरकत से बिहार में बने बाढ़ के खतरे को टालने के लिए क्या किया सकता है इसको लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार को बैठक करेंगे। सीएम नीतीश की ओर से बुलाई गई बैठक में राज्य के जल संसाधन विभाग और अन्य उच्च स्तरीय अधिकारी शामिल होंगे।

इससे पहले नेपाल सरकार ने पूर्वी चम्पारण के ढाका अनुमंडल में लाल बकेया नदी पर बन रहे तटबंध के पुर्निर्माण कार्य को रोक दिया है। बिहार के जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने बताया कि नेपाल गंडक बांध के लिए मरम्मत कार्य की अनुमति नहीं दे रहा है। जबकि ललबकेया नदी ‘नो मैंस लैंड’ का हिस्सा है। इसके अलावा नेपाल ने कई अन्य स्थानों पर मरम्मत का काम रोक दिया है। पहली बार हम लोग ऐसी समस्या का सामना कर रहे हैं। हम मरम्मत कार्य के लिए सामग्री तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं।

संजय झा ने आगे कहा कि अगर हमारे इंजीनियरों के पास बाढ़ से लड़ने वाली सामग्री नहीं पहुंचेगी तो बांध की मरम्मत का काम प्रभावित होगा, अगर नेपाल में भारी वर्षा के कारण गंडक नदी का जल स्तर बढ़ता है तो यह एक गंभीर समस्या पैदा कर देगा।

बिहार सरकार के मंत्री ने कहा कि गंडक बैराज के 36 द्वार हैं, जिनमें से 18 नेपाल में हैं। भारत के हिस्से में पहले से 17वें फाटक तक के बांध की हर साल की तरह इस साल भी मरम्मत की जा चुकी है। वहीं नेपाल के हिस्से में पड़ने वाले 18वें से लेकर 36वें फाटक तक बने बांध की मरम्मत नहीं हो सकी है। नेपाल बांध मरम्मत के लिए सामग्री ले जाने नहीं दे रहा है। नेपाल उस क्षेत्र में अवरोध डाल दिए हैं। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ है।

2017 में नेपाल के चलते बिहार में आया था जल प्रलय

नेपाल बांध के निर्माण स्थल को अपनी जमीन बताकर जबरन विवाद पैदा कर रहा है। ललबकेया नदी का पश्चिमी तटबंध 2017 में आयी प्रलयंकारी बाढ़ से क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसकी मरम्मति का कार्य भी चलता रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इससे पहले जब भी नेपाल बांध की मरम्मती के काम में अडंगा लगाता था तब भारतीय और नेपाली अधिकारी मिल बैठ मामले को सुलझा लेते थे। लेकिन इस साल मामला सुलझाने के बजाय नेपाली सशस्त्र सीमा प्रहरी ही मामले को और उलझाने में लगे हैं।

भारतीय बेटियों की 'दुश्‍मन' बनी नेपाल सरकारभारतीय बेटियों की ‘दुश्‍मन’ बनी नेपाल सरकारभारत और नेपाल के बीच रोटी-बेटी का संबंध अब खतरे में पड़ता नजर आ रहा है। दोनों देशों के बीच सदियों से चले आ रहे इस पवित्र रिश्‍ते पर अब नेपाल की वामपंथी सरकार की नजर लग गई है। नेपाल सरकार अब भारतीय बहुओं को 7 साल बाद नागरिकता देने पर विचार कर रही है। उधर, इस फैसले को लेकर हो रही आलोचनाओं से बेपरवाह नेपाल सरकार अब ऐसी विदेशी बहुओं को सात साल तक निवास परमिट देने की तैयारी कर रही है। केपी शर्मा ओली सरकार की ओर से प्रस्‍तावित नए नियमों के मुताबिक अगर विदेशी बहू 7 साल तक लगातार नेपाल में रहती है तो उसे नेपाली नागरिकता मिलेगी। इन 7 वर्षों तक विदेशी बहुओं को निवास परमिट दिया जाएगा। नेपाल की संसदीय राज्‍य मामले और सुशासन कमिटी ने प्रस्‍ताव दिया है कि नेपाली युवकों से शादी करने वाली विदेशी बहुओं को नागरिकता मिलने तक निवास परमिट दिया जाए। दरअसल, हर साल बड़े पैमाने पर यूपी और बिहार से लड़कियों की शादी नेपाल में मधेसियों से की जाती है। यही शादियां अब नेपाल सरकार के निशाने पर आ गई हैं।

नेपालियों ने SSB से की बदसलूकी

इस दौरान नेपाल के बंजरहा गांव के ग्रामीणों ने भारत की SSB के साथ भी बदसलूकी की है। विवाद भारत नेपाल की सीमा को दर्शाने वाले पिलर नंबर 345/5 और 345/7 के बीच पांच सौ मीटर की जमीन पर है। इस मामले में जिला प्रशासन ने नेपाल में भारतीय महावाणिज्य दूतावास सहित केन्द्रीय गृह मंत्रालय और राज्य सरकार को पत्र भेजकर स्थिति बताई है।

तटबंध निर्माण का कार्य करा रहे सिंचाई विभाग के अभियन्ता बबन सिंह ने कहा है कि नेपाल सरकार ने करीब पांच सौ मीटर बांध की जमीन पर आपत्ति जताई है और वहीं काम को रोका गया है। इस बांध के निर्माण से पूर्वी चम्पारण जिला के ढाका और पताही में बाढ़ की तबाही को रोका जा सकेगा। वहीं तटबंध के निर्माण पर लगी रोक से बलुआ गुआवारी पंचायत के ग्रामीण बाढ़ की आशंका को लेकर डरे हुए हैं। नेपाल के तटबंध के निर्माण को रोकने से ग्रामीणों मे आक्रोश है।

Web Title nepal’s insistence threatens floods in bihar, cm nitish will seek options by talking to state water resources department officers(Hindi News from Navbharat Times , TIL Network)

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