Home मुख्य समाचार पुरी रथ यात्रा को संबित पात्रा ने बताया ओड़िशा का जीवन, रोक...

पुरी रथ यात्रा को संबित पात्रा ने बताया ओड़िशा का जीवन, रोक हटाने की मांग लेकर पहुंचे सुप्रीम कोर्ट

[

भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा पर लगी सुप्रीम कोर्ट की रोक हटवाने के लिए वहां पहले से दायर क़रीब दर्जन याचिकाओं के बाद ओड़िशा के पुरी से पिछला लोकसभा चुनाव लड़ने वाले भाजपा नेता संबित पात्रा ने भी अब याचिका दायर की है। संबित पात्रा ने अपनी याचिका में कहा है कि कोरोना टेस्ट में नेगेटिव रिपोर्ट वाले 800 सेवादार के ज़रिए यात्रा निकालने की इजाज़त मिले। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट सोमवार (22 जून) को सुनवाई करेगी।

याचिका दाखिल करने के बाद पात्रा ने एक ट्वीट में कहा, “सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल ही में दिए गए आदेश में स्पष्टीकरण/संशोधन के लिए आज मैंने आवेदन दिया है और 23 जून को पुरी में निर्धारित श्री जगन्नाथ महाप्रभु की पवित्र रथयात्रा के लिए इजाजत देने की मांग की है। आशा करता हूं कि ईश्वर हमारी सभी प्रार्थनाओं का जवाब  देंगे।”

उन्होंने कहा, “वार्षिक रथ यात्रा ओड़िशा की जनता के लिए सिर्फ एक त्यौहार नहीं है। यह ओड़िशा के लिए जीवन है। रथ यात्रा के बिना हम कुछ भी नहीं हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि भगवान जगन्नाथ कल हमें अपना आशीर्वाद देंगे। मैं सोमवार को उपवास करूंगा और मैं पुरी के सभी लोगों से निवेदन करता हूं कि वे भी उपवास रखें, ताकि कल सुप्रीम कोर्ट में हमारी जीत हो।”

उल्लेखनीय है कि उच्चतम न्यायालय ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर इस साल पुरी में 23 जून से आयोजित होने वाली ऐतिहासिक जगन्नाथ रथ यात्रा और इससे संबंधित गतिविधियों पर बृहस्पतिवार (18 जून) को रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति ए. एस. बोपन्ना के साथ प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति एस. ए. बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच यात्रा पर रोक का फैसला लिया है। प्रधान न्यायाधीश ने इस संबंध में कहा था कि इस तरह के कार्यक्रम इस महामारी के दौरान नहीं हो सकते हैं। अगर हम इसकी अनुमति देते हैं तो भगवान जगन्नाथ हमें माफ नहीं करेंगे। पीठ ने कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और नागरिकों की सुरक्षा के हितों को देखते हुए इस वर्ष रथ यात्रा उत्सव की अनुमति नहीं दी जा सकती है। 

शंकराचार्य बोले, भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा रुकवाने के लिए पूरी प्लानिंग की गई

पुरी रथ यात्रा पर रोक के आदेश पर पुनर्विचार का आग्रह: विहिप
दूसरी ओर, जगन्नाथ मंदिर समिति और पुरी के शंकराचार्य के बाद अब विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने भी भगवान जगन्नाथ की परम्परागत रथ यात्रा को इस वर्ष भी निकाले जाने की मांग की है। विहिप ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया है कि वह कोरोना वायरस के कारण रथ यात्रा पर रोक लगाने के अपने आदेश पर पुनर्विचार करे। विहिप के केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे ने रविवार को कहा कि सैकड़ों वषोर्ं से अनवरत रूप से पुरी में निकाली जाने वाली भगवान श्रीजगन्नाथ की परम्परागत रथ यात्रा इस वर्ष भी निकाली जानी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट अपने फैसले पर फिर से विचार करे: शंकराचार्य
इससे पहले, पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती और जगन्नाथ मंदिर के अन्य पुजारियों ने भी शुक्रवार (19 जून) को इस बात पर जोर दिया कि रथ यात्रा को रोकने के अपने फैसले पर उच्चतम न्यायालय ‘दोबारा विचार करे और जरूरी एहतियात के साथ इस उत्सव को आयोजित करने की मंजूरी दे। कोविड-19 के मद्देनजर उच्चतम न्यायालय द्वारा ‘मागे परब को रोकने के फैसले को सही करार देते हुए उन्होंने कहा कि हालांकि इस पर दोबारा विचार करके ‘कुछ ही सेवकों के साथ इस समारोह को आयोजित करने की मंजूरी दी जा सकती है।

गजपति महाराज और सेवादारों ने CM पटनायक से की दखल देने की मांग
वहीं, गजपति महाराज दिब्यसिंह देब और सेवादारों ने ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से अनुरोध किया है कि वह उच्चतम न्यायालय के 18 जून के आदेश में संशोधन के लिए जल्दी अर्जी देने में हस्तक्षेप करें। वे चाहते हैं कि राज्य सरकार न्यायालय से रथ यात्रा की अनुमति ले ले, भले ही उसमें लोग शामिल ना हों। गजपति महाराज ने मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को लिखे अपने पत्र में स्पष्ट रूप से कहा है कि पुरी में भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथ यात्रा का आयोजन स्वीकृत और अनिवार्य है। गजपति महाराज ने स्कंद पुराण, ब्रह्म पुराण, निलाद्री महोदया और बामदेब संहिता से संदर्भ देते हुए उक्त बात कही। श्री जगन्नाथ मंदिर प्रबंधन समिति के प्रमुख गजपति महाराज ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा, ”इन पुराणों में स्पष्ट लिखा है कि श्री श्री जगन्नाथ महाप्रभु (जिन्हें पुराणों में श्री पुरुषोत्तम कहा गया है) परमात्मा हैं। वह कोई अवतार नहीं हैं, बल्की अवतारी हैं और श्री जगन्नाथ धाम पृथ्वी पर उनका स्थाई निवास है।”

क्या है रथ यात्रा
नौ दिन तक चलने वाले इस उत्सव की शुरुआत रथ यात्रा से होती है जिस पर भगवान जगन्नाथ, भगवान बलराम और देवी सुभद्रा को यहां गुडिचा मंदिर तक और वहां से वापस मंदिर लाने के दौरान रथ यात्रा निकाली जाती है।

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

लोकप्रिय

LIVE Bihar Weather Alert: बिहार में बारिश-वज्रपात का अलर्ट, आकाशीय बिजली से चार की मौत

[ Publish Date:Thu, 02 Jul 2020 11:08 AM (IST) पटना, जेएनएन। पटना सहित बिहार के ज्यादातर जिलों में आज दोपहर बाद मेघगर्जन के साथ बारिश...

देश में कोरोना के 1 लाख मामले पहुंचने में 110 दिन लगे, लेकिन 5 लाख पार करने में सिर्फ 39 दिन

;t=b.createElement(e);t.async=!0;t.src=v;s=b.getElementsByTagName(e);s.parentNode.insertBefore(t,s)}(window,document,'script','https://connect.facebook.net/en_US/fbevents.js');fbq('init', '2442192816092061');fbq('track', 'PageView'); Source link

HPBOSE 12th Result 2020 Live Updates: 86 हजार छात्र-छात्राओं का इंतजार आज होगा खत्म

; if (d.getElementById(id)) return; js = d.createElement(s); js.id = id; js.async=true; is_fb_sdk=true; js.src="https://connect.facebook.net/en_GB/sdk.js#xfbml=1&version=v3.2&appId=1652954484952398&autoLogAppEvents=1"; fjs.parentNode.insertBefore(js, fjs); }(document, 'script', 'facebook-jssdk')); } //comment...

LIVE India Coronavirus Updates: 24 घंटे में कोरोना के 10,667 नए मामले, 10,215 मरीज हुए ठीक

[ Publish Date:Tue, 16 Jun 2020 09:54 AM (IST) नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत में कोरोना वायरस (Coronavirus in India) के सक्रिय मामलों के मुकाबले स्वस्थ...

दिल्‍ली में लॉकडाउन होगा या नहीं, सीएम अरविंद केजरीवाल ने बताया

[बढ़ते कोरोना मामलों (Corona cases) को देखते हुए अटकलें थीं कि दिल्‍ली-एनसीआर में फिर से लॉकडाउन (Lockdown in Delhi-NCR) हो सकता है। दिल्‍ली...