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Solar Eclipse 2020 Timings today Live: आज कुछ ही समय बाद लगने वाला है खंडग्रास सूर्य ग्रहण, यहां जानें ग्रहण से जुड़ी सभी बातें

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कोरोना महामारी के बीच रविवार को एक खगौलीय घटना होगी। इस वर्ष का पहला सूर्यग्रहण रविवार को लगने जा रहा है। ये वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा। ऐसा नजारा धरती पर कम ही देखने को मिलता है। सूर्य एक चमकती अंगूठी की तरह दिखेगा। ये न तो आंशिक ग्रहण होगा और न ही पूर्ण। यह ग्रहण उत्तर भारत में दिखाई देगा। राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड, कुरूक्षेत्र, चमौली, सिरसा, सूरतगढ़ में भी इसे देखा जा सकेगा।

साल के सबसे बड़े दिन पर ये ग्रहण लगने जा रहा है। जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच में आता है और सूर्य के मध्य भाग को पूरी तरह से ढक लेता है। इस घटना को वलयाकार सूर्य ग्रहण कहा जाता है। इसके परिणामस्वरूप सूर्य का घेरा एक चमकती अंगूठी की तरह दिखाई देता है।

धार्मिक मान्यताएं
चंद्रमा की छाया सूर्य का 99 फीसदी भाग ढकेगी। ऐसे में सूर्य के किनारे वाला हिस्सा प्रकाशित रहेगा और बीच का हिस्सा पूरी तरह से चांद की छाया से ढक जाएगा। इस ग्रहण को बिहार समेत देश व दुनिया के विभिन्न हिस्सों में देखा जायेगा। इस ग्रहण को ज्योतिष शास्त्र में काफी महत्व दिया जा रहा है।

Solar Eclipse 2020: सूर्य ग्रहण आज, मिथुन राशि वालों को मानसिक कष्ट,सिंह राशि के आय के साधनों में वृद्धि

प्राकृतिक आपदाओं का कारक : ज्योतिषाचार्य प्रियेंदू प्रियदर्शी ने पंचांगों के आधार पर बताया कि इस सूर्य ग्रहण के समय ग्रह और नक्षत्रों का ऐसा संयोग बनने जा रहा है जो पिछले 500 सालों में नहीं बना। ग्रहण मृगशिरा, आद्र्रा नक्षत्र और मिथुन राशि में लगेगा।

 

 

Solar Eclipse 2020: कंकणाकृति सूर्य ग्रहण आज सुबह 10:31 बजे लगेगा, गंगा स्नान, दान से मिलेगा पुण्य लाभ

ग्रहण के दौरान कई ग्रहों की वक्री स्थिति सूर्य ग्रहण को बहुत ही अधिक प्रभावशाली बनाएगी। ज्योतिष अनुसार ग्रहण प्राकृतिक आपदाओं का कारक बन सकता है। ये ग्रहण भारत में दिखाई देने वाला है इसलिए इसका सूतक भी मान्य होगा। सूतक काल की शुरुआत शनिवार की रात 10.17 बजे से हो गयी है।

छह ग्रह रहेंगे वक्री: ज्योतिषाचार्य पीके युग के मुताबिक सूर्यग्रहण के समय एक साथ छह ग्रह वक्री यानी उल्टी चाल चल रहे होंगे। बुध, गुरु, शुक्रशनि, राहू व केतु वक्री रहेंगे। यह ग्रहण आर्थिक मंदी की ओर इशारा कर रहा है। वहीं ग्रहण के समय मंगल जलतत्व की राशि में बैठकर सूर्य, बुध, चंद्रमा और राहू पर दृष्टि कर रहा है। यह सब भारी बारिश की ओर संकेत दे रहा है। दूसरी ओर वृहतसंहिता के हवाले से कहा कि एक माह में दो से अधिक ग्रहण लगने से आमजन को कष्टों का सामना करना पड़ सकता है। ज्योतिषाचार्य डॉ. राजनाथ झा ने पंचांगों के हवाले से बताया कि आषाढ़ कृष्ण अमावस्या रविवार को खंडग्रास कंकण सूर्यग्रहण लगेगा। रविवार के कारण यह चूड़ामणि योग में लग रहा है। मिथिला विवि. पंचांग के हिसाब से बिहार में रविवार को सुबह 10.27 बजे से दोपहर 1.52 बजे तक इसे देखा जा सकेगा।

मेष, सिंह, कन्या व मकर के लिए लाभप्रद

ज्योतिषी के मुताबिक यह खंडग्रास सूर्यग्रहण मेष, सिंह, कन्या और मकर को लाभ देने वाला है। मेष को धन का लाभ, सिंह को लाभ, कन्या व मकर को सुख की प्राप्ति होगी। बाकी राशियों के लिये यह मध्यम है। वैसे इस ग्रहण का प्रभाव एक महीना ही रहेगा। जिन राशियों के लिये यह ग्रहण शुभ फलदायी नहीं है उन्हें यह ग्रहण नहीं देखना चाहिये।

 मध्य : मध्याह्न 12.10 बजे समापन दोपहर 2.02 बजेभारत समेत नेपाल, पाकिस्तान, सऊदी अरब, यूएई, इथोपिया तथा कांगों में दिखाई देगा। ’ भारत में देहरादून, सिरसा और टिहरी में वलयाकार दिखेगा ’ देश के बाकी हिस्सों में आंशिक सूर्य ग्रहण दिखेगा
 
सूर्य ग्रहण को नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए ’ सूर्य से निकलने वाली किरणें आंखों को नुकसान पहुंचा सकती हैं, इसलिए इसे देखने के लिए खास तरह के उपकरणों का प्रयोग करना चाहिए।
 
ग्रहण के समय किसी भी तरह के शुभ काम नहीं करने चाहिए ’ ग्रहण के समय न तो कुछ खाना चाहिए और न ही कुछ पीना ’ ग्रहण से पहले खाने-पीने की चीजों में तुलसी के पत्ते डालकर रख देने चाहिए ’ ग्रहण काल में प्रभु का स्मरण करते हुए पूजा, जप, दान आदि धार्मिक कार्य करें ’ सूर्य की उपासना,आदित्य हृदयस्रोत, गायत्री मंत्र का जाप ’ ग्रहण का सूतक काल लगते ही घर में बने पूजास्थल को भी ढक दें ’ ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान कर लें और पूजा स्थल को भी साफ कर गंगाजल का छिड़काव करें
 
परिस्थितियां धीरे-धीरे अनुकूल होंगी ज्योतिषाचार्य डॉ. झा के मुताबिक गत वर्ष 26 दिसंबर को सूर्यग्रहण था। छह मास बाद दूसरा सूर्यग्रहण है। इस दौरान ग्रह गोचरों की स्थिति बहुत अच्छी नहीं कही जा सकती है। इससे कई तरह की आपदाएं, महामारी, जनमानस में असौहार्द्र, शत्रु उपद्रव जबकि राहू से साजिशें, बीमारियों से देश अस्त-व्यस्त रहा है। इस सूर्यग्रहण के बाद इन चीजों में कमी आएगी। यह ग्रहण मिथुन राशि में लगेगा, जबकि राहू भी मिथुन राशि में है। राहू मिथुन से 25 सिंतबर को निकलेगा। यानी इसके बाद परिस्थितियां अनुकूल होती जाएंगी।

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