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Coronavirus In Uttarakhand: आज मिले 35 नए संक्रमित, एक हजार से अधिक इलाज के बाद घर लौटे

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राज्य में कोरोना संक्रमित मामलों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। शनिवार को प्रदेश में 35 और कोरोना संक्रमित मिले। इन्हें मिलाकर संक्रमितों की संख्या 1759 हो गई है।

अमर उजाला बेस संवाद : प्रवासी बोझ नहीं, बदल सकते हैं उत्तराखंड की तस्वीर

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार शनिवार को टिहरी 22 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। वहीं देहरादून में साथ चमोली में तीनए उतरकाशी में दो और रुद्रप्रयाग में एक संक्रमित मामला मिला है।

संक्रमित पाए गए मरीजों की ट्रैवल हिस्ट्री है। ये दूसरे राज्यों से वापस उत्तराखंड लौटे हैं। शनिवार को आई जांच रिपोर्ट में 1047 सैंपल नेगेटिव मिले हैं।

प्रदेश में कोरोना संक्रमितों का ग्राफ बढ़ने के साथ ही महामारी को मात देने वाले मरीजों की तादाद बढ़ गई है। एक हजार से अधिक संक्रमित मरीज इलाज के बाद घर लौट चुके हैं। रिकवरी और डबलिंग रेट में सुधार से प्रदेश को थोड़ी राहत मिली है।

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार शनिवार दोपहर 2 बजे तक प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 1759 हो गई है। वहीं, 1023 मरीज ठीक हो चुके हैं। प्रदेश की रिकवरी रेट 58.16 प्रतिशत और डबलिंग रेट 17 दिन हो गया है। रिकवरी दर में अल्मोड़ा प्रदेश का पहला जिला है।

यहां कुल 74 संक्रमित मरीजों में 71 ठीक हो गए हैं। मात्र दो मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। जबकि एक मरीज की मौत हो चुकी है। सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी का कहना है कि अगले 15-20 दिन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। प्रदेश की रिकवरी रेट और डबलिंग रेट में सुधार हो रहा है। एक्टिव केस लगभग स्थिरता की ओर जा रहे हैं।

मुंबई से सीधे गांव पहुंचे दंपति, केस दर्ज

घनसाली (टिहरी) में महाराष्ट्र के मुंबई से लौटे दंपति द्वारा क्वारंटीन नियमों का पालन न करने पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। थानाध्यक्ष प्रदीप रावत ने बताया कि सारपुल के उप प्रधान आशा सिंह ने थाने में तहरीर दी है। तहरीर में उन्होंने बताया है कि गांव के विजयपाल और उनकी पत्नी प्यारी देवी 12 जून को मुंबई से सीधे गांव लौट गए हैं।

वे क्वारंटीन में नहीं रहे, जबकि मुंबई में कोरोना वायरस का काफी प्रभाव चल रहा है। सरकार की गाइडलाइन के अनुसार उन्हें क्वारंटीन में रहना चाहिए था। उप प्रधान की तहरीर के आधार पर पुलिस ने पति-पत्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। दोनों को होम क्वारंटीन किया गया है। संवाद

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने देहरादून के क्वारंटीन सेंटर में एक युवक के आत्महत्या करने के मामले में संबंधित केंद्र के नोडल अधिकारी और डाक्टर को सस्पेंड करने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर अन्य दोषियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई को कहा है। देहरादून में एक गर्भवती महिला की इलाज न मिलने पर मृत्यु पर भी जांच के आदेश सीएम ने दिए है। 

मुख्यमंत्री ने कोविड-19 की रोकथाम को लेकर शनिवार को हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जिलाधिकारियों से जानकारी ली। देहरादून के क्वारंटीन सेंटर में युवक की आत्महत्या पर जिले से मिली प्रारंभिक रिपोर्ट पर उन्होंने तुरंत ड्यूटी पर तैनात डाक्टर और क्वारंटीन सेंटर के नोडल अधिकारी को निलंबित करने के आदेश दिए। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 को लेकर हुई समीक्षा के दौरान आत्महत्या का प्रकरण संज्ञान में आया। प्रथम दृष्ट्रया इसमें चूक सामने आई है। यह भी निर्देश दिए हैं कि कुछ और लोग इस प्रकरण में दोषी हैं तो उनको भी निलंबित किया जाए। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों, गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोगों पर विशेष ध्यान दिया जाए। कंटेनमेंट जोन में पूरी सख्ती रखी जाए। कांटेक्ट ट्रेसिंग बहुत महत्वपूर्ण है। 

जुड़वा बच्चों और प्रसूता की मौत के मामले में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने तीन दिन के भीतर मजिस्ट्रेटी जांच करने के जिलाधिकारी देहरादून को निर्देश दिए हैं। सीएम ने मामले की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है।
 
जिलाधिकारी ने जुड़वा बच्चों और प्रसूता की मौत मामले में एडीएम प्रशासन अरविंद पांडेय को मजिस्ट्रेटी जांच सौंपी है। 10 दिन के भीतर जांच करने के आदेश दिए थे। शनिवार को मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों के साथ कोविड की स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जुड़वा बच्चों और प्रसूता की मौत के मामले में सख्त नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी को तीन दिन के भीतर मजिस्ट्रेटी जांच करने के निर्देश दिए हैं।
 
बता दें कि नौ जून को देहराखास निवासी महिला ने घर पर दो जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था। जन्म के बाद बच्चों ने दमतोड़ दिया था। तबीयत बिगड़ने पर महिला को दून अस्पताल में लिया गया। महिला को भर्ती करने के बजाए कई अस्पतालों के चक्कर कटाने के बाद भर्ती किया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।

कोरोना से संबंधित हर मौत की जांच

उन्होंने कहा कि कोविड-19 से संबंधित हर मौत का आडिट किया जाए। क्वारंटीन सेंटर में होने वाली मौतों की भी जांच होगी। हर मृत्यु के कारण का विश्लेषण किया जाए। कोविड केयर सेंटर में सारी आधारभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि होम आइसोलेशन में सारे प्रोटोकॉल का पालन हो। डिस्चार्ज कर होम आइसोलेशन में भेजे जाने वालों की काउंसिल की जाए। 

24 घंटे के अंदर किसी की मौत, तो जिलाधिकारी जवाबदेह

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि क्वारंटीन करने के चौबीस घंटे के भीतर अगर किसी कोरोना संदिग्ध या पीड़ित की मौत होती है तो उसके लिए जिलाधिकारियों की जवाबदेही होगी। इस तरह का प्रकरण तभी सामने आता है, जब प्रशासनिक सर्विलांस में कोई कमी हो।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कोरोना संक्रमित की मृत्यु के बाद उनके अंतिम संस्कार में लोगों के विरोध को दुखद बताया है। उन्होंने इस मसले पर प्रदेशवासियों को वीडियो संदेश जारी किया है, जिसमें कहा कि कोरोना संक्रमित की मौत के बाद उसकी देह को संक्रमण मुक्त किया जाता है। 

उन्होंने कहा कि जिस बैग का इस्तेमाल उनकी देह को रखने के लिए किया जाता है, वो भी संक्रमण मुक्त होता है। इसके लिए भारत सरकार की गाइडलाइन हैं, जिसका पालन करने के बाद ही अंतिम संस्कार किया जाता है। इसी के चलते मृतक को परिवारजनों को नहीं सौंपा जाता।

प्रशिक्षित लोग ही अंतिम संस्कार करते हैं। इसलिए उससे संक्रमण का कोई खतरा नहीं रहता। सभी से प्रार्थना है कि किसी तरह का संदेह न पालें। जिनकी मृत्यु हुई वो अपने हैं। उनकी अंतिम संस्कार में किसी तरह की दिक्कत पैदा न करें। 

केंद्र की गाइडलाइन 

केंद्र सरकार ने कोविड मरीज की मौत के बाद उसके शव को अस्पताल से अंतिम संस्कार स्थल तक ले जाने के लिए 13 बिंदुओं की गाइडलाइन जारी की है। इस गाइडलाइन में शव को किस तरह से संक्रमण मुक्त किया जाना है। बैग कैसा इस्तेमाल होना है। जिस वाहन में लेकर जाया जाएगा उसको कैसे संक्रमण मुक्त करना है। अंतिम संस्कार स्थल पर प्रोटोकॉल अपनाना है और परिजनों के लिए नियम तय हैं। इसी के तहत प्रदेश में कोरोना संक्रमित की मौत पर उनका अंतिम संस्कार किया जा रहा है।

राज्य में कोरोना संक्रमित मामलों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। शनिवार को प्रदेश में 35 और कोरोना संक्रमित मिले। इन्हें मिलाकर संक्रमितों की संख्या 1759 हो गई है।

अमर उजाला बेस संवाद : प्रवासी बोझ नहीं, बदल सकते हैं उत्तराखंड की तस्वीर

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार शनिवार को टिहरी 22 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। वहीं देहरादून में साथ चमोली में तीनए उतरकाशी में दो और रुद्रप्रयाग में एक संक्रमित मामला मिला है।

संक्रमित पाए गए मरीजों की ट्रैवल हिस्ट्री है। ये दूसरे राज्यों से वापस उत्तराखंड लौटे हैं। शनिवार को आई जांच रिपोर्ट में 1047 सैंपल नेगेटिव मिले हैं।


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